हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र को जारी नोटिस के बीच मीडिया की स्वतंत्रता पर मंडराते खतरे, मणिपुर में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के दौरान 17 लोगों की गिरफ्तारी व 24 हथियार जब्त किए जाने के बाद गहराते सामाजिक-राजनीतिक संकट, और ओडिशा व आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 87,000 से अधिक लोगों को विस्थापित करने वाले चक्रवात 'अर्णव' के कहर पर विस्तार से चर्चा की गई.
वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए दीवाली से पहले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मंजूरी, पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 22 भारतीयों की मौत की विदेश मंत्रालय द्वारा पुष्टि, एमएलसी चुनाव परिणामों में एनडीए को 16, एसपी को 5 और कांग्रेस को 1 सीट मिलने, यूपी सरकार द्वारा हिंसक 'सत्ता परिवर्तन' गतिविधियों में शामिल लोगों पर सरकारी नौकरियों का बैन, चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया में 6 राज्यों की मतदाता सूची से केवल 1,600 विदेशी नागरिकों की पहचान होने, अरुणाचल प्रदेश में बांध परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक होने पर 69 लोगों पर एंटी-टेरर लॉ लागू करने, चुनाव आयोग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म 6 में संशोधन न होने का हलफनामा देने, कर्नाटक में 1 करोड़ नाम हटाने के बाद 4.5 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची जारी होने, जामिया में छात्र संघ चुनावों की निश्चित समय-सीमा को लेकर 18वें दिन भी अनशन जारी रहने, 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने, मुंबई पुलिस प्रमुख के अनुरोध पर राज ठाकरे द्वारा मोदी-अदानी डॉक्यूमेंट्री पोस्ट हटाने, राहुल गांधी द्वारा टाटा ग्रुप के 'आपराधिक विनाश' और भारत इंक की 'चुप' पर सवाल उठाने, और अरुणाचल सीमा पर चीन के साथ आईटीबीपी का गतिरोध जारी रहने आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में 'द फ्रंटियर मणिपुर' के कार्यकारी संपादक पाओजेल चाओबा, 'मॉल्टिक्स' की वरिष्ठ पत्रकार निवेदिता शांडिल्य और न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और बसंत कुमार ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “डिजिटल डाटा पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन क़ानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. इस क़ानून को लेकर बहुत सारी चिंताएं हैं जिसमें सबसे ज़्यादा असर खोजी पत्रकारिता पर पड़ेगा यदि यह क़ानून लागू होता है.”
इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “यह बिल लाया गया और क़ानून बनाया गया था इस भावना के साथ कि आम आदमी के डाटा के संरक्षण के लिए लाया गया है और आम आदमी ने इसका समर्थन भी किया. अब इस क़ानून में समस्या यह है कि इसमें पत्रकारिता या खोजी पत्रकारिता को कोई छूट नहीं दी गई है साथ ही सूत्र की सुरक्षा पर भी खतरा है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
4:56 - सुर्खियां
21:37 - निजता के कानून को लेकर चिंता
01:02:00 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:14:12 - मणिपुर में हिंसा का दौर
01:41:56 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें
हृदयेश जोशी
रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage
बसंत कुमार
रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage
इंटरव्यू - डेटा प्रोटेक्शन बिल: ‘‘क्या केंद्र सरकार लोगों के पर्सनल डेटा पर नियंत्रण करना चाहती है”
निवेदिता शांडिल्य
रिपोर्ट - ‘RSS Friends’ registers in U.S. to step up outreach, correct inaccuracies
रिपोर्ट - यमुना की बदहाली और जहरीले झाग का सच: कालिंदी कुंज घाट से ग्राउंड रिपोर्ट
अतुल चौरसिया
डॉक्यूमेंट्री - अनाबॉम्बर
रिपोर्ट - After Uttarakhand, it’s MP: CM Yadav spent Rs 230 cr to sell a Rs 30 lakh cr ‘MoU’ mirage
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 446: दुनिया भर में सुलगता जन-असंतोष, मार्को रुबियो का भारत दौरा और दिल्ली में गहराता स्मॉग
एनएल चर्चा 445: क्या दिल्ली का आंदोलन बीजेपी को चुनौती दे सकता है?