हर सुबह करीब पांच बजे दिल्ली और आसपास के इलाकों से पक्षी प्रेमी लोधी गार्डन पहुंचते हैं. उनकी निगाहें एक सेमल (सिल्क कॉटन) के पेड़ में बने एक घोंसले पर टिकी रहती हैं.