2 अक्टूबर को जब पूरा देश अहिंसा का संदेश याद कर रहा था, तब देश की राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पहुंचे बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को हिरासत में ले लिया गया.