जहां केंद्र की मोदी सरकार 11 साल में करीब 6 हजार करोड़ खर्च करती है तो वहीं यूपी की योगी सरकार मात्र 8 साल में 7 हजार करोड़ के करीब विज्ञापन पर खर्च कर चुकी है.