हृदयेश जोशी के साथ वर्ष 2025 के लिए पत्रकार श्याम मीरा सिंह को भी चुना गया है. दोनों को 24 अक्टूबर को गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में सम्मानित किया जाएगा.
वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार और न्यूज़लाउंड्री के सहयोगी हृदयेश जोशी को वर्ष 2024 के लिए कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. गांधी शांति प्रतिष्ठान ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की. यह सम्मान स्वतंत्र, तथ्यपरक और प्रगतिशील पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को दिया जाता है. सम्मान के तहत एक लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक चिह्न दिया जाता है.
हृदयेश जोशी के साथ वर्ष 2025 के पुरस्कार के लिए पत्रकार श्याम मीरा सिंह को भी चुना गया है. दोनों को 24 अक्टूबर को गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में सम्मानित किया जाएगा.
हृदयेश जोशी करीब तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने पर्यावरण संबंधित पत्रकारिता में विशेष योगदान दिया. उनकी पत्रकारिता में पर्यावरण, राजनीति और समाज से जुड़े सवालों पर खास ध्यान रहा है. उन्होंने इन विषयों को आम लोगों के बीच पहुंचाने के साथ-साथ उन पर गंभीर चर्चा को भी जगह दी है.
पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर जोशी के काम को खास पहचान मिली है. उन्होंने पर्यावरण और विकास से जुड़े सवालों पर लिखा है और अपनी रिपोर्टिंग के जरिए इन मुद्दों को सामने रखा है. वह पर्यावरण से जुड़े विषयों पर कई किताबों का अनुवाद भी कर चुके हैं. उनके काम में पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच के सवालों को समझने की कोशिश दिखाई देती है.
जोशी ने अपनी पत्रकारिता के दौरान बदलते मीडिया के साथ भी खुद को जोड़े रखा है. उन्होंने प्रिंट और टेलीविजन के अलावा डिजिटल माध्यमों में भी काम किया है. वह न्यूज़लॉन्ड्री के लिए भी लगातार रिपोर्टिंग करते रहते हैं और यूट्यूब पर भी सक्रिय हैं.
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मालूम हो कि कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान की शुरुआत स्वतंत्र और प्रगतिशील पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी. गांधी शांति प्रतिष्ठान और इससे जुड़े लोगों ने इस सम्मान की कल्पना की थी. दिवंगत पत्रकार कुलदीप नैयर ने भी इसके लिए आर्थिक सहयोग दिया था और दूसरों को योगदान देने के लिए प्रेरित किया था. सम्मान के जरिए ऐसी पत्रकारिता को पहचान देने की कोशिश की जाती है, जो तथ्यों, स्वतंत्र विचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को महत्व देती है.
हृदयेश जोशी को यह सम्मान ऐसे समय में दिया जा रहा है, जब पत्रकारिता में पर्यावरण, राजनीति और सामाजिक सवालों पर गंभीर रिपोर्टिंग की जरूरत लगातार बनी हुई है. उनका चयन इन विषयों पर लंबे समय से किए जा रहे उनके काम को मिली पहचान है.
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