कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों पर विचार के लिए सरकार ने कल तक का वक्त मांगा 

सीजेपी प्रवक्ताओं ने मीडिया को बताया कि उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी मांगों को सख्ताई से दोहराया है.

जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका.

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक हुई. बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एवं जितेंद्र सिंह और सीजेपी की तरफ से प्रवक्ता सौरभ दास एवं आशुतोष रांका शामिल हुए. 

बैठक के बाद सीजेपी के प्रवक्ताओं ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे. सरकार ने इस पर विचार करने के लिए कल तक का समय मांगा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर सहमति जताई है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री नड्डा ने मीडिया को बताया कि सीजेपी के लोगों ने तीन मांगें और 5 सुधार उनके समक्ष रखे हैं. जिन पर वह सरकार से बातचीत करेंगे और हमने कहा है कि हम कल मुलाकात करेंगे. मालूम हो कि इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नड्डा के घर वार्ता हुई थी, जो बेनतीजा रही थी.

गौरतलब है कि बीती रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया था. जिसमें उन्होंने पेपर लीक के मामले पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी. साथ ही यह भी घोषणा की थी कि पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए संसद में एक कानून लाया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि कैबिनेट शुक्रवार को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेगी.

इस बीच, एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से ज़बरदस्ती हटाया था और इसी वजह से विरोध प्रदर्शन और तेज़ हो गए थे, ने गुरुवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म की.

शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफ़े पर ज़ोर देने के बजाय, वांगचुक ने कहा कि मंत्रियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार 'परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवज़ा देने' पर विचार करेगी.

साथ ही, शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े पर विचार करने समेत जवाबदेही तय करने के लिए "संसद में सार्थक चर्चा" का भी भरोसा दिया गया.

वहीं, पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा, सदन में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं होगी.

Also see
article imageजगत प्रकाश नड्डा का राजनीतिक उत्कर्ष और उनके पारिवारिक एनजीओ का समानांतर उत्थान
article imageजागरण में छपी मोहन भागवत द्वारा नड्डा पर की गई टिप्पणी की ख़बर को सुनील आंबेकर ने नकारा

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like