भारतीय जनता पार्टी, जॉर्ज सोरोस को ‘देश का दुश्मन’ बताती है और कांग्रेस पर उनसे फंड लेने के आरोप लगाती है. दस्तावेज बताते हैं कि सोरोस की फंड मैनेजमेंट फर्म ने अपने पोर्टफोलियो के लिए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी की हिस्सेदारी में स्थापित निवेश फंड को चुना था.
जॉर्ज सोरोस आज भारत के राजनीतिक विमर्श में सबसे ज्यादा नापसंद किए जाने वाले विदेशी शख्स हैं. भाजपा के नेता तो उन्हें ‘भारत का दुश्मन’ और ‘आर्थिक युद्ध अपराधी’ जैसी संज्ञा तक देते हैं. यहां तक कि बीते मार्च में सदन में भाजपा ने सोरोस से संबंध के चलते कांग्रेस पार्टी के खिलाफ पोस्टर लहराए और मार्च निकाला.
बीते सालों में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उन तमाम सिविल सोसायटी संगठनों पर छापे मारे हैं, जिन्हें सोरोस की ओपन सोसायटी फाउंडेशन्स (ओएसएफ) से फंड मिला था.
इस तरह सत्तारूढ़ पार्टी का संदेश स्पष्ट और मुखर रहा है: सोरोस भारत के अंदरूनी मामलों में खतरनाक विदेशी दखल का प्रतीक है.
न्यूज़लॉन्ड्री की एक पड़ताल में अमेरिकी कॉरपोरेट फाइलिंग्स और केमैन आइलैंड्स रजिस्ट्री के रिकॉर्ड्स कुछ ऐसी बातें सामने रखते हैं जो इस मामले की दूसरी तस्वीर पेश करता है, और थोड़ा चौंकाता भी है.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी ने एक हेज फंड की सह-स्थापना की. इसे सोरोस फंड मैनेजमेंट एलएलसी की ओर से लगभग 200 मिलियन डॉलर की रकम मैनेज करने के लिए चुना गया. मालूम हो कि यह एलएलसी ओपन सोसायटी फाउंडेशन की प्रमुख एसेट मैनेजर हैं यानि आर्थिक प्रबंधन यही संभालती है.
सनद रहे कि हेज फंड अमीर निवेशकों और संस्थानों से पैसा इकट्ठा कर हाई रिटर्न पाने के लिए एक निजी निवेश फंड होता है. यह म्यूचुअल फंड से अलग है. जो काफी लचीला होता है और इसके नियम उतने सख्त नहीं होते.

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