त्योहारों पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच मिलावट का कारोबार भी तेजी से पैर पसार रहा है. दिल्ली-एनसीआर में हजारों किलो खोया नष्ट होने और सैंपल फेल होने के बाद बाजार में बिकने वाली मिठाइयों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
त्योहारों का सीजन आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है. लेकिन मिठाइयों की बढ़ती मांग के साथ ही नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों का खतरा भी बढ़ने लगता है. खासकर दिल्ली-एनसीआर में, जहां देशभर से बड़ी मात्रा में खोया, पनीर और दूसरी खाद्य सामग्री पहुंचती है. ऐसे में सवाल है कि त्योहारों पर आप अपने घर जिस मिठाई को लेकर जा रहे हैं वह सेहत के लिए सुरक्षित भी है या नहीं?
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) और दिल्ली फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की लगातार छापेमारी और कार्रवाई के बावजूद मिलावटी और अस्वच्छ खोया बड़ी मात्रा में पकड़ा जा रहा है. सिर्फ दिल्ली में ही इस त्योहारी सीजन में 3 नवंबर तक 10 हजार किलोग्राम से ज्यादा खोया नष्ट किया जा चुका है. इसके बावजूद मिलावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
आखिर त्योहारों पर बाजार में बिकने वाली मिठाइयां कितनी सुरक्षित हैं? मिलावट का यह कारोबार किस हद तक फैला हुआ है और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का कितना असर हो रहा है? इन सवालों का जवाब जानने के लिए हमने गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और दिल्ली का दौरा किया.
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