11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस जिस गाड़ी की जांच से बचती नजर नहीं आई, उसका मालिक कुछ दिन पहले ही प्रदर्शनकारियों को पीटने की मांग करने वाले नारे लगाता घूम रहा था. एक व्यक्ति को उस कार में से लाठियां निकालते हुए भी फिल्माया गया.
11 अक्टूबर की शाम को सफेद रंग की एक मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP14-HA-4945) करीब दो घंटे तक कनॉट प्लेस स्थित मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 के पास खड़ी रही. कार में चार लोग सवार थे. न्यूज़लॉन्ड्री के रिपोर्टर्स ने गाड़ी के अंदर लाठियां देखी.
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी देने के साथ ही रिपोर्टर्स ने उनसे बार-बार गाड़ी की जांच करने को कहा. लेकिन पुलिस ने गाड़ी की जांच नहीं की. इसके बजाय, पुलिस ने घेराबंदी की और ऐसा लगा कि वह गाड़ी को वहां से निकलने में मदद कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने बाद में दावा किया कि गाड़ी की जांच की गई थी और गाड़ी से संबंधित व्यक्ति के बारे में भी पूरी तरह पड़ताल की गई. उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला.
हालांकि, न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा देखे गए एक वीडियो में उसी दिन गाड़ी में सवार एक व्यक्ति को उसी गाड़ी से लकड़ी की लाठियां निकालते हुए देखा जा सकता है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ.
दरअसल, न्यूज़लॉन्ड्री ने वीडियो, तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल की. इस पड़ताल से पता चला कि गाड़ी के आसपास मौजूद लोग एक ऐसे समूह का हिस्सा थे, जिसके सदस्य पहले भी खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने की मांग कर चुके थे और कुछ मौकों पर हिंसा में भी शामिल रहे थे.

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