दिल्ली में मणिपुर के म्यूज़िशियन चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया है. कथित तौर पर घर के बाहर शोर-शराबे पर आपत्ति जताने के बाद शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि हमलावर उनके घर तक पहुंच गए.
मणिपुर के रॉकस्टार चोंगथम विक्रम सिंह की सोमवार तड़के मौत हो गई. विक्रम ने अपने घर के सामने हो रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद विवाद बढ़ गया और उन पर हमला कर दिया गया.
विक्रम के बेटे याइफाबा ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि रविवार देर रात कुछ लड़के उनके घर के बाहर सड़क पर शराब पी रहे थे और शोर-शराबा कर रहे थे. उनके पिता ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन लड़कों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया.
याइफाबा आगे बताते हैं, “विक्रम अपनी जान बचाकर घर की तरफ भागे, लेकिन हमलावर उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल पर स्थित उनके फ्लैट तक पहुंच गए. करीब 8 लड़कों ने घर में घुसकर उनके पिता को बेरहमी से पीटा.”
घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज में रविवार रात 12 बजकर 6 मिनट पर 8 युवक विक्रम के फ्लैट से नीचे उतरते दिखाई दे रहे हैं. इसके ठीक 10 मिनट बाद, रात 12 बजकर 16 मिनट पर घायल विक्रम को उनके परिवार के लोग कंधे पर डालकर अस्पताल ले जाते हुए नजर आ रहे हैं.
अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार सुबह विक्रम की मौत हो गई.
विक्रम की मौत के बाद नॉर्थ ईस्ट के लोगों में भारी गुस्सा है. सैकड़ों लोग सनलाइट कॉलोनी थाने के बाहर इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का आरोप है कि दिल्ली में उन्हें लगातार उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया जाता है.
विक्रम की मौत के विरोध में इन्होंने कैंडल मार्च भी निकाला. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक नाबालिग समेत 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और सभी को पकड़ लिया गया है.
चोंगथम विक्रम सिंह एक प्रतिभाशाली गिटारिस्ट थे और मणिपुर के कई मशहूर बैंड के साथ परफॉर्म कर चुके थे. दिल्ली के भी कुछ बैंड के साथ उन्होंने काम किया था. उन्हें मणिपुर का रॉकस्टार कहा जाता था. वह मशहूर मणिपुरी गायिका चोंगथम कमला के बेटे थे और पिछले 17 सालों से वे अपनी पत्नी और बेटे के साथ दिल्ली के किलोकरी गांव में रह रहे थे.
इस पूरी घटना पर देेखिए हमारी ये विस्तृत रिपोर्ट.
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