कई लोगों के लिए यह प्रक्रिया एक नई चुनौती बनकर सामने आई है. वहीं, कुछ लोगों के मन में एसआईआर को लेकर नागरिकता चले जाने का डर भी नजर आया.
राजधानी दिल्ली में इन दिनों एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया जारी है. चुनाव आयोग ने फॉर्म भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 17 अगस्त कर दी है. फॉर्म बांटने से लेकर उन्हें जमा करने और डिजिटाइजेशन तक का काम बीएलओ कर रहे हैं.
पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कुछ स्थानीय लोगों ने अपने घरों में छोटे-छोटे कैंप भी लगाए हैं. हमने ऐसे ही एक कैंप का दौरा किया, जहां फॉर्म भरवाने पहुंचे लोगों को इसे समझने और जमा करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं.
कई लोगों के लिए यह प्रक्रिया एक नई चुनौती बनकर सामने आई है. वहीं, कुछ लोगों के मन में एसआईआर को लेकर नागरिकता चले जाने का डर भी नजर आया. इसी बीच, फॉर्म में दिए गए ‘रिलेटिव’ टर्म को लेकर भी मतदाताओं और प्रक्रिया में मदद कर रहे लोगों के साथ खुद बिएलओ और ईआरो भी असमंजस में दिखाई दिए.
सरकार से नाराज़ अबिदा अब वोट नहीं डालतीं। लेकिन लोगों ने कहा कि फॉर्म नहीं भरा तो दिल्ली से निकाल दिया जाएगा। इसी डर से वह कैंप पहुंचीं। उन्होंने हमसे कहा, “चलो, फॉर्म भर भी दूं तो क्या तुम तोड़फोड़ रोक दोगे?”
इन कैंपों में पूरे दिन क्या होता है और एसआईआर को लेकर मतदाताओं की क्या राय है? जानने के लिए देखिए ये रिपोर्ट.
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