ऑनलाइन मिल रही धमकियों के चलते लड़कियां मानसिक तनाव से जूझ रही हैं. वहीं, कुछ की पढ़ाई तो कुछ की जिंदगी पर असर पड़ा है.
मयूर विहार इलाके अक्सर घूम-घूमकर दुकानदारों के नाम पूछने और उन्हें धमकाने वाले रवि नेगी जो पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी हैं, ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ दिन पहले एक वीडियो साझा किया.
वीडियो में एक लड़की के माथे से खून निकलता दिखाई दे रहा है. वह रोते हुए फोन पर मदद की गुहार लगा रही है. वीडियो पर लिखा था, ‘‘रुझान आने शुरू हो गए हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह लड़की ‘काक्रोच’ कहकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को गंदी-गंदी गालियां दे रही थी और ‘नीम का पत्ता कड़वा है’ के नारे लगा रही थी. पुलिस और बजरंग दल के लोग इसके घर पहुंचकर इसे सबक सिखा रहे हैं. यह गलत सरकार के हाथ चढ़ गई है.’’
हालांकि, नेगी द्वारा साझा किया गया वह वीडियो वाराणसी का है और एक पारिवारिक हिंसा से जुड़ा मामला है. यह वीडियो 17 जुलाई से सोशल मीडिया पर मौजूद है. इसका जंतर-मंतर के आंदोलन से कोई संबंध नहीं है.
इसके बावजूद, वीडियो पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं. कुछ लोगों ने लिखा, “मज़ा आ गया”, “कुछ ज़्यादा ही ओवरएक्टिंग कर रही है कॉकरोचनी”, “झुकती है जेनजी, झुकाने वाला चाहिए”, और “कॉकरोची की कुटाई देखकर मज़ा आ गया,’’ ‘‘कम तो नहीं मारा.”
विधायक रवि नेगी यहीं नहीं रुके, उनके दफ्तर में रिकॉर्ड हुआ एक और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ. जिसमें दो-तीन लोग बैठे हुए एक लड़की का पता ढूंढ रहे हैं. बातचीत में बताया जाता है कि लड़की पूर्वी दिल्ली के मंडावली क्षेत्र की रहने वाली है. नेगी कहते हैं, ‘‘पहले उसे थाने बुलवा लेते हैं.’’
इसके बाद एक और वीडियो में नेगी कहते हैं, “आज या कल लड़की को ढूंढ ही लेंगे. वो लड़की सार्वजनिक स्थल पर मांफी मांगेगी. उस पर क़ानूनी कार्रवाई करेंगे.’’
यहां जिस लड़की की बात की जा रही है, उसने कनॉट प्लेस में मौजूद हनुमान मंदिर को 20 जुलाई को सीजेपी संसद मार्च के दौरान बंद करने पर आपत्ति जताई थी. दरअसल, जब बच्चे पुलिस से बचने के लिए मंदिर के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे. तब मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए थे. उसी वक्त लड़की ने कहा था कि गेट क्यों बंद हैं? और यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
खुद मंदिर के पुजारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि 20 जुलाई को हिंसा वाला माहौल था, जिसके कारण मंदिर का दरवाजा बंद कर दिया गया था.
एफआईआर दर्ज
रवि नेगी जहां लड़की का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कई लोगों ने उसका पता ढूंढ़ लेने का दावा भी किया है.
29 जुलाई को नोएडा में एक ज़ीरो एफआईआर दर्ज की गई. यह शिकायत स्मृति सिंह नाम की एक महिला ने दर्ज कराई, जो खुद को सुप्रीम कोर्ट की वकील बताती हैं. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत दर्ज इस एफआईआर को बाद में नोएडा से संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाने में स्थानांतरित कर दिया गया.
यह एफआईआर रुचिका सिंह नाम की युवती के खिलाफ दर्ज किया गया है. रुचिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहती हुई नजर आती हैं. वीडियो में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का भी उल्लेख है.
स्मृति सिंह खुद को रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी जनसत्ता लोकतांत्रिक दल से जुड़ी हुई बताती हैं. वह पार्टी की गाजियाबाद महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष हैं.
बलिया की रहने वाली स्मृति सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में रुचिका का आवासीय पता भी दर्ज है. जब हमने उनसे पूछा कि उन्हें यह पता कैसे मिला, तो उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें सोशल मीडिया पर मिली. जब उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर किन लोगों ने यह पता साझा किया था, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैं भूल गई हूं कि किसने यह पता साझा किया था.”
सिंह का यह जवाब संकेत देता है कि रुचिका का पता खोजने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में केवल उनकी ही भूमिका नहीं थी.
स्मृति सिंह के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसे वीडियो भी मौजूद हैं, जिनमें अन्य लोग रुचिका के बारे में बात करते दिखाई देते हैं. इन वीडियो में कुछ लोग यह दावा करते नजर आते हैं कि उन्हें रुचिका का पता मिल गया है और वह अपना घर छोड़कर चली गई है. हालांकि, उनका कहना है कि पुलिस जल्द ही उसे ढूंढ़ लेगी.
एफआईआर दर्ज कराने के अपने फैसले पर स्मृति सिंह कहती हैं, “जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह बर्दाश्त से बाहर है. प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग समाज के लिए उचित नहीं है. हमारे बच्चे भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में वे क्या सीखेंगे? मैं सीजेपी के आंदोलन के विरोध में नहीं हूं, लेकिन इस आंदोलन के दौरान कई ऐसे लोग सामने आए जो केवल अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते नजर आए. उन्हें सबक सिखाना जरूरी है. इसी वजह से मैंने एफआईआर दर्ज कराई है.”
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रुचिका का नोएडा स्थित घर फिलहाल बंद है. बताया जाता है कि वह अपने परिवार के साथ फरीदाबाद में रहती हैं. इसको लेकर नोएडा एक्सप्रेसवे थाने के एसएचओ अमित कुमार खारी कहते हैं, हमारे लोग एफआईआर लिखवाने के लिए आए थे. लेकिन घटना स्थल जंतर-मंतर है. हमने एफआईआर दर्ज कर उसे यहां से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है. हालांकि, नोएडा में इस लड़की का एक फ्लैट है. जिसमें वो कभी रही नहीं है. मूलतः वह फरीदाबाद की रहने वाली है.’’
इसके बाद हमने पार्लियामेंट थाने के एसएचओ इंद्रजीत से बात करने की कोशिश की. लेकिन उन्होंने हमसे बात नहीं की.
रुचिका के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "अगर किसी की बोली या बयान आपको आपत्तिजनक लगता है, तो उसके लिए पुलिस का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, तो वह मानहानि (डिफेमेशन) का मामला दर्ज करा सकता है."
रुचिका के वकील अनिल सिंह ने बताया कि अब तक न तो उनको कोई नोटिस नहीं मिला है और न ही पुलिस की तरफ से कोई कॉल या सूचना आई है. उन्होंने कहा कि दर्ज एफआईआर में मौजूद कई विवरण रुचिका की जानकारी से मेल नहीं खाते. "एफआईआर में लड़की की उम्र समेत कई जानकारियां गलत दर्ज हैं. उसका जन्मदिन कल ही था और वह अब 15 साल की हुई है. उसकी मां विधवा हैं और बच्चों को पढ़ाकर घर का खर्च चलाती थीं, लेकिन इस पूरे विवाद के बाद उनका वह काम भी छूट गया है. परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है."
उन्होंने आगे कहा, "फिलहाल हमारे पास न कोई नोटिस आया है और न ही पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक संपर्क हुआ है. अगर भविष्य में कोई नोटिस आता है या इस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तब हम उसी के अनुसार अगला कदम उठाएंगे."
‘मैंने अपना इंस्टग्राम देखना बंद कर दिया’
अपशब्द कहने को लेकर जिन लड़कियों का वीडियो वायरल हुआ उन्हें सोशल मीडिया पर गलियां दी जा रही है. ऐसी ही गाजियाबाद की रहने वाली निशु हैं. वह भी पेपर लीक के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुई थी. जहां उसने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर बयान दिया जो अब उसके लिए मुसीबत बन गया है. हालांकि, निशु का बयान अश्लील और आपत्तिजनक नहीं है.
लेकिन निशु आज सोशल मीडिया पर ट्रॉलिंग, गालियों और आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना कर रही हैं. डर और भय के कारण वह अपना इंस्टग्राम तक नहीं खोल रही हैं.
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बॉयल्ड अंडा नाम के एक यूज़र ने नीशू को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. पोस्ट में निशु का वीडियो शेयर करते हुए उसे वेश्या बोला गया. इसी पोस्ट में यूज़र ने यह भी आरोप लगाया कि नीशू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया, उनका मज़ाक उड़ाया और सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान "मोदी की तेरहवीं" के नाम पर समोसे परोसे थे.
बॉयल्ड अंडा अपने एक्स अकाउंट बायो खुद को संघी कहता है. कवर फोटो में उसने सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तस्वीर लगाई है.
प्रधानमंत्री के सम्मान में उतरे इस हैंडल का एक और पोस्ट देखिए. जहां वह स्टेज पर डांस कर रही लड़की के बारे में द्विअर्थी बात करने की कोशिश कर रहा हैं. इस तरह के कई और पोस्ट इस हैंडल पर मौजूद हैं.
निशु को लेकर सोशल मीडिया पर एक और खबर चली. जंतर-मंतर पर दिए गए बयान के कारण उनके मकान मालिक ने उसे घर से निकाल दिया. कई ट्विटर हैंडल ने इसको लेकर पोस्ट की. हालांकि, यह सच नहीं है.
न्यूज़लॉन्ड्री ने इस मामले में नीशू से बात की. उन्होंने बताया कि मकान मालिक ने उन्हें करीब एक महीने पहले ही घर खाली करने के लिए कह दिया था. हालांकि, उनके अनुसार मकान मालिक ने उनसे यह भी कहा था कि "आपके और हमारे विचार अलग हैं.’’
नीशू का कहना है कि उन्होंने अब लगभग सोशल मीडिया का इस्तेमाल बंद कर दिया है. वह केवल कभी-कभार कोई वीडियो पोस्ट करने के लिए ही अपना अकाउंट खोलती हैं. पोस्ट करने के बाद वह सिर्फ़ वीडियो पर आए लाइक्स देखती हैं और वह कमेंट पढ़ने से बचती हैं क्योंकि वहां बड़ी संख्या में गालियां और अपमानजनक टिप्पणियां होती हैं.
ऑनलाइन ट्रॉलिंग पर बात करते हुए नीशू ने कहा, ‘‘मैं सावित्रीबाई फुले से प्रेरित हूं. जब वह लड़कियों को पढ़ाने जाती थीं, तब उन पर गोबर, मिट्टी और पत्थर फेंके जाते थे. आज अगर मुझे सोशल मीडिया पर गालियां दी जा रही हैं, तो उससे मुझे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता.’’
लड़कियों के पीछे पड़ी भीड़ उनकी जानकारी सार्वजनिक कर रही
एक्स, इंस्टग्राम, फेसबुक और दूसरे अन्य माध्यमों के द्वारा उन लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है, जो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान मौजूद थी. यहीं नहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा के बारे में भी आपत्तिनजक टिप्पणियां की जा रही हैं.
प्रो-हिंदुत्व एक्स हैंडल जयपुर डायलॉग्स ने नेहा का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बजरंग दल से गुजारिश है कि इसको सबक सिखाओ.’’
इसके अलावा रुचिका की भी जानकारी साझा की. इसने रुचिका का एक दूसरा वीडियो साझा किया, जिसमें बताया गया कि वो मिल गई है.
इसी तरह, करेज़ियस नाम के एक एक्स यूज़र ने प्रदर्शन के दौरान इंटरव्यू दे रही मयूरी मल्होत्रा की कई तस्वीरें साझा कीं. पोस्ट में उनकी उम्र, पढ़ाई और उनसे जुड़ी अन्य व्यक्तिगत जानकारी भी सार्वजनिक की गई. इसके साथ यूज़र ने दावा किया कि मयूरी ‘सिर्फ़ प्रसिद्धि पाने के लिए’ प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द कह रही हैं और यह प्रदर्शन ‘प्रधानमंत्री को गालियां देने और रील बनाने’ तक सीमित है.
इसी तरह योगी सरकार 2027 नाम के एक एक्स अकाउंट, जो खुद को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैन पेज के रूप में प्रस्तुत करता है, ने एक युवती का वीडियो साझा किया है. वीडियो में इंटरव्यू के दौरान युवती अपने हाथ में पकड़े प्लेकार्ड के बारे में बात करती दिखाई देती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करती हैं.
इसी वीडियो को साझा करते हुए अकाउंट पर लोगों से युवती की पहचान करने और उसके खिलाफ ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाने की अपील की गई. वीडियो में एक युवक कहता है, ‘जय श्री राम. अगर असली हिंदू हो तो इस लड़की को पहचानिए और यही बैनर इसके... में डालो.’ वीडियो में माथे पर लाल तिलक लगाए यह युवक हिंदुओं को संबोधित करते हुए उनसे अपील करता है कि यदि वे ‘असली हिंदू’ हैं, तो वे ऐसा करें.
इसी तरह, सैफरन किंग नाम के एक एक्स यूज़र ने रुचिका की तस्वीर साझा करते हुए उनके लिए अपमानजनक और लैंगिक गाली का इस्तेमाल किया. पोस्ट में यूज़र ने लिखा, "नोएडा पुलिस ने इस रं.. को अरेस्ट कर लिया है."

गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें तरह-तरह की गालियां दी गईं, लेकिन वह उन सभी को माफ करते हैं.
इसके बाद रुचिका ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया. वीडियो में उसने खुद को 15 साल की बताते हुए कहा कि वह उस दिन प्रदर्शन के दौरान कुछ यूट्यूबर्स के प्रभाव में आ गई थी और उसी वजह से उसने प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उसने कहा कि अब अपने व्यवहार पर शर्मिंदा है. इसके साथ ही उसने प्रधानमंत्री के साथ-साथ पूरे देश से माफी मांगी.
हालांकि, इस वीडियो के सामने आने के बाद भी सोशल मीडिया पर विवाद थमा नहीं. कई यूजर्स ने वीडियो की तस्वीरों का विश्लेषण करते हुए दावा करना शुरू कर दिया कि माफी मांगने वाली लड़की और प्रदर्शन में दिखी लड़की एक नहीं हैं.
इसी तरह के दावों को साझा करते हुए एक्स पर खेतान अनूप नाम के अकाउंट ने कई वीडियो पोस्ट किए और कहा कि चेहरे की बनावट, भौंहों, नाक की पियर्सिंग, बालों के रंग और दांतों जैसी चीजों की तुलना कर यह निष्कर्ष निकाल रहे हैं कि दोनों अलग-अलग लड़कियां हैं. यूज़र का दावा है कि माफ़ी मांगने वाली लड़की और प्रदर्शन में दिखी लड़की अलग-अलग हैं और इस पूरे मामले में एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है. इसी दावे के साथ उसने वीडियो साझा करते हुए कैप्शन लिखा, "दोनों लड़कियां एक जैसी नहीं लग रही हैं. मुझे इसमें कुछ गड़बड़ लग रही है. आप लोगों की क्या राय है?"
श्रद्धा सिंह भी निशाने पर
श्रद्धा सिंह, नाम की एक युवती भी लोगों के निशाने पर आ गई. श्रद्धा ने भी सीजेपी प्रदर्शन के दौरान आरएएफ और पुलिस बल के लोगों को लेकर एक वीडियो बनाया. सिंह ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि उन्हें ‘रेप’ और मारने की की धमकी दी जा रही है.
न्यूज़लॉन्ड्री ने पाया कि सिंह के बारे में भी तमाम तरह के अभद्र और घटिया कमेंट किए गए. सिर्फ श्रद्धा को ही नहीं उनकी मां के बारे में भी इसी तरह की बातें कही गईं.
सीरियस फनी गाय नाम के एक एक्स यूज़र, जो अक्सर महिला इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो साझा कर उन्हें निशाना बनाते हैं, ने भी श्रद्धा का एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो के साथ उन्होंने लिखा,"लविंग दिस मेल्टडाउन." इस पोस्ट के ज़रिए श्रद्धा की भावनात्मक स्थिति का मज़ाक उड़ाया गया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रही ट्रोलिंग को और हवा दी गई.
इस पूरे मामले को लेकर हमने श्रद्धा से भी बात की.
23 वर्षीय श्रद्धा बताती हैं, "लोग लगातार मुझे टारगेट कर रहे हैं. मैंने खुद को घर में बंद कर लिया है और बाहर निकलना लगभग छोड़ दिया है. मेरी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है. मैं एक योग इंस्ट्रक्टर हूं और इस विवाद के बाद मेरे कई क्लाइंट्स छूट गए. ऐसा लगता है जैसे मेरा करियर ही खत्म हो गया हो."
वह कहती हैं कि उनके योग से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं. "जो लोग कभी मुझसे प्रेरित होते थे, वही आज 'शेम ऑन यू' लिख रहे हैं. इनमें से कई लोगों को तो यह भी नहीं पता कि आखिर हुआ क्या था. उन्हें लगता है कि मैंने प्रधानमंत्री को गाली दी थी."
श्रद्धा का दावा है कि कुछ लोगों ने उनका इलाका भी पता लगा लिया है और सोशल मीडिया पर उन्हें जान से मारने और रेप की धमकियां दी जा रही हैं.
वह आगे कहती हैं, "मैंने पुलिस के समर्थन में भी कई वीडियो बनाए थे, कई सामान्य और सकारात्मक वीडियो भी पोस्ट किए थे, लेकिन किसी ने उन्हें नहीं देखा. लोग सिर्फ एक घटना के आधार पर मुझे जज कर रहे हैं."
श्रद्धा कहती हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब उनका किसी भी प्रदर्शन का हिस्सा बनने का कोई इरादा नहीं है. "मैं अब बस एक सामान्य ज़िंदगी जीना चाहती हूं’’
यहीं नहीं सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट करके बताया कि उन्हें मैसेंजर में गंदी-गंदी गलियां जान से मारने की धमकी दी जा रही है.
वहीं, एक लड़की उर्वर्शी पलांडूरर ने मुंबई में सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान गाना गाते और डांस करते हुए वीडियो बनाया था. जिसमें वो किसी को ना गाली दे रही थी और न ही अपशब्द कह रही थी. हालांकि, छत्तीगसढ़ बीजेपी ने इसके वीडियो को लेकर एक पोस्ट किया. जिसमें एक तरफ उर्वर्शी अपने दोस्तों के साथ डांस कर रही है और दूसरी तरफ एक बच्चा, राष्ट्रपति से अवार्ड्स ले रहा है. उर्वर्शी के वीडियो के नीचे लिखा गया, बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाला जेन-ज़ी या छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाला जेन- ज़ी. आप कौन सी सोच वाला जेन ज़ी चुनेंगे?
हालांकि, उर्वर्शी ने बीजेपी के इस वीडियो का मज़ाक उड़ाते हुए जवाब भी दिया और बताया कि वो सिर्फ डांस नहीं करती बल्कि दसवीं और बारहवीं में उसके 93 प्रतिशत तक अंक आए हैं.
सीजेपी प्रोटेस्ट: जिस्म पर चोट और ज़हन में हौसला लेकर जंतर मंतर लौटे पिटे हुए ज़ेन-जी
सीजेपी प्रदर्शन: दुबई से लेकर मुंबई तक के लोग जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों तक पहुंचा रहे खाना