फिल्म ‘सतलुज’ की स्ट्रीमिंग भारत में बंद, सालों बाद रिलीज हुई थी दिलजीत की ये फिल्म 

दोसांझ की ये फिल्म पहले पंजाब 95 के नाम से आनी थी. इसे अब नाम बदलकर रिलीज किया गया था.

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लंबे इंतज़ार के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर रिलीज़ हुई दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को रिलीज़ के दो दिन से भी कम समय में भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है. यह फिल्म पहले पंजाब-95 के नाम से आनी थी.

कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि फिल्म दिखते-दिखते अचानक गायब हो गई. इसके बाद ज़ी5 ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि फिल्म अगली सूचना तक भारत में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी. हालांकि, प्लेटफॉर्म ने कहा कि वह अपनी फिल्म के साथ मजबूती से खड़ा है.

ज़ी5 ने अपने बयान में कहा, "हम उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत हर संभव प्रयास करेंगे ताकि फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक वापस लाया जा सके. रचनाकारों और उद्देश्यपूर्ण, कलात्मक ईमानदारी से कही गई कहानियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अडिग है."

जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी पर आधारित है फिल्म

पहले 'पंजाब 95' शीर्षक से बनी यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है. खालड़ा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में कथित तौर पर हुई सामूहिक गुमशुदगियों और फर्जी मुठभेड़ों का खुलासा किया था. इसके बाद 1995 में वह स्वयं रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे.

फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज़ 7 फरवरी 2025 को प्रस्तावित थी, लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने इसे प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म में 127 कट लगाने की मांग की थी. लंबे समय तक अनिश्चितता के बाद फिल्म को बिना कट के लेकिन बदले हुए नाम 'सतलुज' के साथ सीधे ज़ी5 पर रिलीज़ किया गया.

फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है.

हनी त्रेहान ने पहले भी जताई थी निराशा

फिल्म के लंबे समय तक अटके रहने पर न्यूज़लॉन्ड्री ने लगातार रिपोर्टिंग की थी. पिछले वर्ष ‘द मीडिया रंबल’ में हनी त्रेहान ने बताया था कि उन्होंने फिल्म दिसंबर, 2022 में सीबीएफसी को सौंपी थी लेकिन लगभग दो साल बाद भी उसे मंजूरी नहीं मिली थी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अब भी उम्मीद है, तो उन्होंने जवाब दिया था, "हां, शायद सिर्फ मुझे ही."

न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यक्रम साउथ सेंट्रल में हनी त्रेहान ने कहा था, "खालड़ा मेरे बचपन और मेरी मिट्टी की कहानी का हिस्सा रहे हैं. मुझे लगता है कि अब उनकी कहानी का फिर से अपहरण कर लिया गया है, क्योंकि उस पर सेंसरशिप लगाई जा रही है." 

उन्होंने यह भी कहा था कि खालड़ा की कहानी पर सवाल उठाना संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमला करने जैसा है.

रिलीज़ के बाद क्या कहा था निर्देशक ने?

ज़ी5 पर फिल्म रिलीज़ होने के बाद हनी त्रेहान ने 'सतलुज' को अपना "लेबर ऑफ लव" बताया था. उन्होंने कहा था कि यह फिल्म पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और बिना किसी समझौते के बनाई गई है.

उन्होंने कहा, "लंबे इंतज़ार के बाद दर्शक आखिरकार हमारी मेहनत और समर्पण का परिणाम देख पाएंगे. 'सतलुज' केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में मानवीय साहस को समर्पित एक श्रद्धांजलि है. यह महान शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है और हमें खुशी है कि अब यह ज़ी5 के माध्यम से दर्शकों तक पहुंची है."

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