चश्मदीदों और मौके पर राहत एवं बचाव करने वालों का कहना था कि बेसमेंट से निकलने के रास्ते में ताला लगा हुआ था. जिसे बाद में अग्निशमन विभाग की मदद से तोड़ा गया.
दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एयर बीएनबी फ्लोरिश इन होटल में बुधवार सुबह आग लग गई. जिसमें अभी तक की सूचना के मुताबिक, 21 लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे में बचाव कार्य के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं. फिलहाल, आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. मृतकों में 11 विदेशी नागरिक शामिल हैं. दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. न्यूज़लॉन्ड्री ने मौके पर पहुंच कर हादसे के चश्मदीदों से बात की.
इसरार खान ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि उन्होंने अपने साथियों समेत मौके से करीब 45 लोगों को बचाया. खान के मुताबिक, वे लोग तुरंत इन्हें पास के मैक्स अस्पताल लेकर गए.
हादसे के एक और चश्मदीद वसीम ने बताया कि अंदर काफी खौफनाक मंजर था. लोग हमें ऐसी हालत में मिले कि जिसे हम बता तक नहीं सकते. उन्होंने बताया कि बेसमेंट से निकलने के रास्ते में ताला लगा हुआ था. जिसे बाद में अग्निशमन विभाग की मदद से तोड़ा गया.
वहीं, एक अन्य शख्स का कहना था कि जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो ज्यादातर लोगों को बचाया जा चुका था.
मैक्स अस्पताल का बयान- 18 मृत लाए गए
वहीं, मैक्स अस्पताल ने इस हादसे को लेकर प्रेस में बयान जारी किया. बयान के मुताबिक, अस्पताल में लाए गए 39 में से कुल 18 मृत थे. वहीं, 15 आईसीयू में भर्ती हैं. जिनमें 8 मरीज़ वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है. मामूली चोट वाले 5 मरीज़ों का प्राथमिक उपचार किया गया और उन्हें छुट्टी दे दी गई. एक मरीज़ को गंभीर रूप से जलने के कारण सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ़्ट कर दिया गया. मृतकों में स्थानीय और विदेशी नागरिक, दोनों शामिल हैं."
चीफ़ फ़ायर ऑफ़िसर (साउथ ज़ोन) अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि उन्हें सुबह 8:50 बजे सूचना मिली. शुरू में 7 गाड़ियां और एक असिस्टेंट डिविज़नल ऑफ़िसर को भेजा गया. हालांकि, जैसे-जैसे कॉल बढ़ती गईं, हमने गाड़ियों की संख्या और ऑफ़िसरों का स्तर बढ़ा दिया. मलिक ने बताया कि कुल 39 लोगों को निकाला गया.
मलिक कहते हैं, "जब हम तलाशी अभियान चला रहे थे, तो मैंने इमारत का ऊपर से नीचे तक अच्छी तरह से मुआयना किया. इस इमारत में एक बेसमेंट, एक ग्राउंड फ़्लोर और पांच ऊपरी मंज़िलें हैं. पूरी इमारत के लिए, लिफ़्ट के साथ-साथ सिर्फ़ एक ही सीढ़ी है... इमारत को पूरी तरह से सील कर दिया गया है.”
हादसे के बाद कार्रवाई के संकेत
हादसे को लेकर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा, "पूरा प्रशासन इस दुखद घटना से बेहद चिंतित और व्यथित है… हमने फैसला किया है कि जिन प्रतिष्ठानों के पास जरूरी अनुमति नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जैसे इस बिल्डिंग (फ्लोरिश स्टे) को 2024 में छह कमरों वाला 'बेड-एंड-ब्रेकफ़ास्ट' प्रतिष्ठान चलाने की अनुमति दी गई थी. नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों की अनुमतियां रद्द कर दी जाएंगी."
प्रधानमंत्री ने की आर्थिक मदद की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जाताया. साथ ही उन्होंने मृतकों के आश्रितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की. प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. सभी शोकाकुल परिजनों को मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वो राहत और बचाव कार्य में हर संभव योगदान दें. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं.”
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