एक समय खोजी पत्रकारिता का मजबूत गढ़ माने जाने वाले आउटलुक में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
26 साल के इतिहास में पहली महिला एडिटर-इन-चीफ बनीं चिंकी सिन्हा ने आउटलुक पत्रिका से इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया पर चिंकी के इस्तीफे वाली सूचना का एक संदेश भी वायरल हो रहा है. हालांकि, न्यूज़लॉन्ड्री इस संदेश की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सका. लेकिन, पत्रिका से जुड़े लोगों ने बताया कि चिंकी ने इस्तीफा दे दिया है.
“मुद्दों पर आधारित और विश्वसनीय पत्रकारिता” पर जोर देने के दावे के बावजूद सिन्हा के नेतृत्व में आउटलुक का कंटेंट अधिक फीचर-आधारित हो गया था, जिसमें कविता, कला और भावनाओं पर ज्यादा ध्यान दिया गया. इसके बरक्स न्यूज़ और करंट अफेयर्स को अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता मिली.
चिंकी सिन्हा इससे पहले बीबीसी न्यूज, अल जज़ीर, ओपन पत्रिका, इंडिया टुडे और द इंडियन एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं.
गौरतलब है कि 2021 में न्यूज़लॉन्ड्री ने रिपोर्ट किया था कि उस समय के एडिटर रुबेन बनर्जी 'एक महीने की छुट्टी' पर चले गए हैं. बनर्जी ने अपने छुट्टी पर जाने की सूचना मेल के जरिए टीम को दी थी. हालांकि, मेल की भाषा उनके अलग होने का साफ इशारा थी. बाद में इस छुट्टी को उनके संस्थान से बाहर होने के रूप में देखा गया. उस समय सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि मैनेजमेंट के साथ तनाव के चलते संपादकीय नेतृत्व पर दबाव बढ़ रहा था.
आउटलुक की संपादकीय दिशा में आए बदलाव को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, जहां एक समय की आक्रामक खोजी पत्रकारिता धीरे-धीरे फीचर और वैचारिक कंटेंट की ओर झुकती नजर आई.
आउटलुक की अंतकथा
क्या आउटलुक से रूबेन बनर्जी के आउट होने की वजह ‘अब्बाजान’ हैं?