मोदी, मज़दूर और महिला आरक्षण के बीच मीडिया का डॉग शो

दिन ब दिन की इंटरनेट बहसों और खबरिया चैनलों के रंगमंच पर संक्षिप्त टिप्पणी.

WrittenBy:अतुल चौरसिया
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प्रधानमंत्री के काफिले में बार-बार एंबुलेंस घुसने और चुनावी रैलियों में कलाकारों द्वारा पेंटिंग लहराने वाली स्क्रिप्ट के बाद एक और जगह उनकी स्क्रिप्ट गड़बड़ा गई. पिछले हफ्ते मोदी सरकार द्वारा परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को समर्थन न मिलने के बाद उन्होंने इसे ‘भ्रूण हत्या’ करार दिया.

उधर, बंगाल में चुनाव आते ही ईडी लूज़मोशन माफ़िक हो गई है. रुकने का नाम ही नहीं लेती. ईडी ने पहले 'आई-पैक' के डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया और फिर आम आदमी पार्टी के नेता राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के यहां छापेमारी की.

इस सब उठापटक के दौरान नोएडा में हजारों की संख्या में मज़दूरों ने वेतन वृद्धि, मिनिमम वेज और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग में प्रदर्शन किया. इस दौरान हिंसा भी हुई. मगर जैसे ही योगीजी के मंत्री ने इसमें ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’ की हड्डी उछाली, गोदी मीडिया के हुड़कचुल्लुओं ने झट से लपक लिया. और एकाएक ऐसा गुर्राए कि जैसे कोई डॉग शो चल रहा हो.

देखिए इस हफ्ते की टिप्पणी.

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