रुपया औकात से ऊपर उठ रहा है, नेताओं की जुबान औकात से नीचे गिर रही है

दिन ब दिन की इंटरनेट बहसों और खबरिया चैनलों के रंगमंच पर संक्षिप्त टिप्पणी.

WrittenBy:अतुल चौरसिया
Date:
   

अगर आपको गैस नहीं मिल रही है, पेट्रोल-डीज़ल के दाम औकात से बाहर जा रहे हैं और रुपया और दिल्ली सरकार के बीच समझ नहीं आ रहा कि कौन तेजी से गिर रहा है. तो यह सब आपका भ्रम है. दरअसल गिर कुछ नहीं रहा है. सबकुछ ऊपर उठ रहा है. आपकी पहुंच और औकात से ऊपर उठ रहा है. और जब सब कुछ ऊपर उठने लगे तब आप एक बात समझ लीजिए कि आप व्यक्तिगत रूप से भले ही थोड़ी परेशानी उठा रहे हों लेकिन आपकी व्यक्तिगत परेशानी राष्ट्र के निर्माण में आपका अहम योगदान है.

मोदी सरकार आईटी नियमों का नया मसौदा लेकर आई है. अभी तक ये नियम सिर्फ न्यूज पब्लिशर्स पर लागू होते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया पर न्यूज़ या करंट अफेयर्स से जुड़ी पोस्ट करने वाले यूज़र भी इसके दायरे में होंगे. यानी अगर आपने फेसबुक पर लिख दिया, “आज सिलेंडर के लिए लंबी लाइन लग गई है …” तो आप एडवांस में बधाई स्वीकार कर लीजिए, अब आप अब डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर बन चुके हैं.

Also see
article imageगंगा में बही आस्था, मोदी जी का ‘टच मी नॉट’ नोटिफिकेशन और हस्तिनापुर दरबार में यूजीसी गाइडलाइन पर विमर्श 
article imageकश्मीर से कन्याकुमारी तक गैस का अकाल और गोदी ने बनाया मोदी को विश्वगुरू 

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like