दिन ब दिन की इंटरनेट बहसों और खबरिया चैनलों के रंगमंच पर संक्षिप्त टिप्पणी.
अख़बारों में अमेरिका से ट्रेड डील की चर्चा ऐसे हो रही है, मानो विश्व शांति के टेंडर की महीनों से फंसी हुई सरकारी फाइल अचानक क्लियर हो गई हो. इस ट्रेड डील की अगली सुबह सभी अख़बारों के फ्रंट पेज किसी फ़ोटो कॉपी मशीन में प्रिंट होकर निकले नजर आ रह थे.
उधर, संसद में प्रधानमंत्री मोदी पर हमले के बादल भी मंडराने लगे. इस खबर को सुनते ही ‘हिंदू खतरे’ से ‘सवर्ण ख़तरे’ पर शिफ्ट हुए घोघाबसंतों ने सब कुछ किनारे रखकर ‘मोदी ख़तरे में’ का बिगुल फूंक डाला.
वहीं, भाजपा की असम इकाई के एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में मोदीजी के ही खास शागिर्द असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा राइफल से दो मुस्लिम पुरुषों पर निशाना साधते हुए भी दिखे.
देखिए इस हफ्ते की टिप्पणी.
गणतंत्र के शोर में बर्बाद बनारस और गंगा