नाबालिग से बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन कर चर्चा में आई बरखा त्रेहन पुरुषों को महिलाओं की प्रताड़ना का शिकार बताती हैं.
आई एग्री के इस एपिसोड में अभिनंदन सेखरी ने पुरुषों के लिए अधिकारों की वकालत करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता बरखा त्रेहान से बातचीत की. बातचीत का संदर्भ हाल ही में बरखा त्रेहान द्वारा बलात्कार के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में प्रदर्शन करना और बयान देना था. हालांकि, इस संदर्भ के अलावा बरखा से उनकी संस्था पुरुष आयोग समेत कई मुद्दों पर बातचीत हुई.
त्रेहान ने कहा कि पुरुषों को बलात्कार के झूठे मामलों में ‘फंसाया’ जा रहा है और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े क़ानूनों का ‘दुरुपयोग’ हो रहा है. उनका कहना है कि पुरुष अधिकारों पर राजनीतिक दलों से लेकर तथाकथित एक्टिविस्ट सब खामोश हैं. हालांकि, त्रेहन ने दावा किया कि अब मीडिया में ‘नैरेटिव बदल चुका है’ और पुरुषों का ‘दर्द’ रखने के लिए वह नियमित तौर पर जाती हैं.
त्रेहान के एनजीओ पुरुष आयोग ने बीते दिनों कुछ पुरस्कार भी बांटे हैं. पुरस्कार पाने वालों में एक नशे में धुत महिला द्वारा पीटे गए सिक्योरिटी गार्ड से लेकर अभिजीत अय्यर मित्रा जैसे चेहरे शामिल हैं. नौकरियों में महिलाओं के कम अनुपात को त्रेहान ने ‘इज़ी मनी स्कीम’ बताते हुए पुरुषों से झूठे आरोपों के ज़रिए ‘उगाही’ से जोड़ दिया. वहीं, बिगड़ते लिंगानुपात और महिला भ्रूण हत्या को त्रेहान ने ‘मिथक’ करार दिया. आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर उनका दावा है कि पुरुषों की संख्या महिलाओं से ‘तीन गुना’ ज्यादा है.
गौरतलब है कि भारत में पुरुष अधिकारों की मांग को लेकर हाल के वर्षों में आवाज़ तेज़ हुई है. कुछ मामलों में मीडिया कवरेज और “नीले ड्रम का कहर” जैसी उपमाओं के हवाले से हत्या जैसी संगीन अपराधों की सनसनीखेज रिपोर्टिंग भी इस बहस का हिस्सा रही है. इस मुद्दे को लेकर संसद से लेकर कोर्ट तक भी आवाजें उठाई जा रही हैं, जिनमें जेंडर-न्यूट्रल कानूनों और ‘पुरुष अधिकार आयोग’ जैसे प्रमुख मांगें शामिल हैं.
त्रेहन ने राजनीतिक दलों पर उदासीनता का आरोप लगाया और कहा कि सभी पार्टियां इस मुद्दे पर एक-सी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि एक बीजेपी सांसद ने उनके कार्यक्रम में शामिल होने के बाद इस विषय को संसद में उठाया था. त्रेहन ने कहा कि घरेलू हिंसा के मामलों में पुरुषों की पीड़ा को अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है.

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