अंकिता भंडारी हत्याकांड: ऑडियो लीक, बीजेपी नेताओं के इस्तीफे और खून से लिखे पत्र के बीच उठते सवाल 

सोशल मीडिया पर साझा हुई एक कथित रिकॉर्डिंग ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को फिर से सुर्खियों में ला दिया है. इसके बाद राज्य में विरोध-प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं और मामले की सीबीआई जांच की मांग उठ रही है.

WrittenBy:अनमोल प्रितम
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उत्तराखंड में लड़कियां राष्ट्रपति को खून से खत लिख रही हैं. राज्य के अलग-अलग जिलों में बीजेपी से जुड़े लोग इस्तीफा दे रहे हैं. पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सबकी मांग सिर्फ एक है- अंकित भंडारी मर्डर केस की जांच सीबीआई से कराई जाए और उस कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक किया जाए, जो इस 19 साल की लड़की की बेरहमी से हत्या की वजह बना है.  

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर केस के सबसे ‘ताकतवर किरदार’ को बचा रही है. कहा यह भी जा रहा है कि अगर इस केस की निष्पक्ष जांच हुई तो यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा राजनीतिक खुलासा बन सकता है.  

गौरतलब है कि पिछले साल मई महीने में अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में कोटद्वार सेशन कोर्ट द्वारा तत्कालीन भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्या और उसके दो साथियों (सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. 

धामी सरकार ने रिकॉर्ड टाइम में दोषियों को सजा दिलवाने का क्रेडिट भी ले लिया. लेकिन हाल ही में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर ने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर से कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग साझा की.  जिससे इस केस का सबसे अहम सवाल एक बार फिर से चर्चा में आ गया. कि आखिर वह वीआईपी कौन था, जिसकी वजह से अंकिता की हत्या की गई.

देखिए ये खास रिपोर्ट.

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