आंध्र प्रदेश: साक्षी टीवी एंकर की गिरफ्तारी पर सियासी घमासान

एंकर के खिलाफ यह कार्रवाई उनके डिबेट शो में महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के सिलसिले में की गई.

Article image

आंध्र प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हैदराबाद स्थित आवास से साक्षी टीवी के एंकर कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव को गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई उनके डिबेट शो में महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के सिलसिले में की गई.

मामला 6 जून के टीवी डिबेट का है, जिसमें राजनीतिक विश्लेषक वीवीआर कृष्णमराजू ने अमरावती को "वेश्यालयों की राजधानी" कह दिया. उन्होंने यह टिप्पणी नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) की एक रिपोर्ट के हवाले से की थी, जिसमें बताया गया था कि देश में महिला सेक्स वर्कर्स की संख्या के मामले में आंध्र प्रदेश दूसरे स्थान पर है.

सत्ताधारी टीडीपी-जनसेना-बीजेपी गठबंधन ने इस बयान को अमरावती की महिलाओं का अपमान बताया और आरोप लगाया कि यह साजिश वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और साक्षी टीवी की ओर से रची गई है. गठबंधन नेताओं का कहना है कि यह सब वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी पत्नी व साक्षी मीडिया ग्रुप की प्रमुख वाईएस भारती रेड्डी के इशारे पर किया गया. 

पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने गिरफ्तारी को "राजनीतिक प्रतिशोध" करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब एंकर ने खुद ऐसी कोई बात नहीं कही, तो सिर्फ शो की मेज़बानी करने के लिए उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया? उन्होंने कहा, “हर चर्चा में अलग-अलग राय होती है, लेकिन अतिथि की बातों पर एंकर को सज़ा देना अन्यायपूर्ण और खतरनाक है.” 

श्रीनिवास राव को गुन्टूर ले जाया गया है, जहां उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा. यह मामला थुल्लूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है. मामले में शिकायत राज्य मडिगा निगम निदेशक खंबमपाटी सीरीशा ने की थी.

कृष्णमराजू और साक्षी टीवी प्रबंधन के खिलाफ भी एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और बीएनएस की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. अमरावती की महिला किसान और कई संयुक्त कार्रवाई समितियों की ओर से भी शिकायतें दर्ज की गई हैं.

डिप्टी स्पीकर के. रघु रामकृष्ण राजू और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी बयान की कड़ी निंदा की है. नायडू ने कहा, “हमारी संस्कृति बेटियों और माताओं का सम्मान करती है. राजनीतिक बहस या मीडिया टीका-टिप्पणी की आड़ में की गई अभद्र टिप्पणियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.”

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि यह सब अमरावती और वहां की महिलाओं के खिलाफ राजनीतिक साजिश का हिस्सा है. “यह एक सुनियोजित षड्यंत्र है. जनता को जगन मोहन रेड्डी और उनकी मीडिया मशीनरी की असली मंशा समझनी चाहिए,” उन्होंने कहा.

वहीं, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को तेलुगू देशम पार्टी और उसकी मीडिया सहयोगियों द्वारा चलाया गया ‘दुष्प्रचार’ करार दिया. वाईएसआरसीपी नेता पोथिना महेश ने स्पष्ट किया कि पत्रकार द्वारा कही गई बातें पार्टी की राय नहीं थीं. “टीडीपी इन बातों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रही है ताकि हमारे हालिया प्रदर्शनों को मिल रहे जनसमर्थन से ध्यान भटकाया जा सके,” उन्होंने कहा.

महेश ने यह भी आरोप लगाया कि टीडीपी और उसकी सोशल मीडिया टीम खुद महिला नेताओं और वाईएसआरसीपी समर्थकों के खिलाफ अक्सर ऑनलाइन अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है. 

भ्रामक और गलत सूचनाओं के इस दौर में आपको ऐसी खबरों की ज़रूरत है जो तथ्यपरक और भरोसेमंद हों. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और हमारी भरोसेमंद पत्रकारिता का आनंद लें. 

Also see
article imageअमरावती को लेकर पत्रकार की विवादास्पद टिप्पणी पर आंध्र प्रदेश में राजनीतिक घमासान
article imageआंध्र प्रदेश में 4 चैनलों का प्रसारण बंद, टीडीपी सरकार ने दबाव से किया इंकार

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like