मेरठः 'हम वाल्मीकि जाति वालों को बैंक्वेट बुक नहीं करते'

शादी मंडप बुक करने के एक महीने बाद जैसे ही मैनेजर को पता चला कि बुकिंग करने वाले वाल्मीकि हैं तो उन्होंने बुकिंग कैंसिल कर दी, इस मामले में अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

WrittenBy:अवधेश कुमार
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जातिवाद लोगों पर किस तरह हावी है, इस बात का अंदाजा इससे लगाइए कि एक फार्म हाउस के मैनेजर ने शादी की बुकिंग सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दी क्योंकि वह वाल्मीकि समाज से हैं. यह हैरान करने वाला वाकया उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के खरखौदा थाना क्षेत्र का है.

दरअसल पिंकी की शादी के लिए घरवालों ने हापुड़ रोड स्थित गोल्डन गार्डन फार्म हाउस से संपर्क किया. पिंकी के भाई जयदीप कुमार ने करीब एक महीने पहले फार्म हाउस की एडवांस बुकिंग करवाई. लेकिन महीना भर बाद जैसे ही फार्म हाउस के मैनेजर को पता चला कि वह वाल्मीकि समुदाय से है तो उन्होंने इस बुकिंग को कैंसिल कर दिया.

कुमार ने न्यूज़लॉन्ड्री से इस पूरे मामले को साझा किया. वह कहते हैं, “मैंने शादी का मंडप करीब एक महीने पहले बुक किया था. मुझे 5 अप्रैल को मंडप के मैनेजर रईस अब्बासी का फोन आया. उन्होंने कहा, कि मैंने पता करवाया है कि आप वाल्मीकि हो इसलिए आपको मंडप नहीं मिलेगा. आप अपने पैसे वापस ले जाइए.” 

वह कहते हैं कि ये बात सुनकर मेरे नीचे से जमीन खिसक गई. मैं घबरा गया. पहले उन्होंने मुझसे पूछा नहीं था वरना मैं पहले ही बता देता, क्योंकि इसमें कुछ छुपाने वाली बात नहीं है. 

“मेरे मम्मी पापा नहीं हैं, मैं ही अपनी बहन की शादी कर रहा हूं. मैं लड़की का बड़ा भाई हूं और मेरठ नगर निगम में सफाई कर्मचारी हूं. 9 तारीख में बहन की शादी है. मैंने इस बारे में क्षेत्रीय थाना अध्यक्ष और कप्तान को लिखित में दे दिया है कि इतनी जल्दी मैं कैसे- कहां से व्यवस्था करूं. यही बात मैंने मंडप के मैनेजर से कही कि शादी को सिर्फ 3 दिन रह गए हैं. मैं कहां मंडप ढूंढता रहूंगा. क्योंकि मेरे घर पर इतने लोगों को बैठाने की व्यवस्था नहीं है. मैं सबको शादी के कार्ड बांट चुका हूं.” उन्होंने कहा.

हापुड़ रोड अल्लीपुर निवासी 35 वर्षीय जयदीप आगे कहते हैं कि यह मंडप उन्होंने 35 हजार रुपए में बुक किया था और 10 हजार रुपए एडवांस देकर आए थे. 

इस बीच वह एक बात का और जिक्र करते हैं, “मैं इस मंडप को हीरालाल जाटव के रेफरेंस से बुक करने गया था. इसलिए शायद मैनेजर को लगा कि मैं भी जाटव हूं. लेकिन जब उन्हें बाद में पता चला कि मैं जाटव नहीं वाल्मीकि हूं तो उन्होंने हमारी बुकिंग कैंसिल कर दी.” 

वह कहते हैं, “मंडप वालों से हमारी अभी डायरेक्ट कोई बात नहीं हुई है. लेकिन हमारे समाज ने तय किया है कि शादी तो वहीं होगी. क्योंकि इतनी जल्दी न हमें कोई मंडप मिलेगा और न ही इतनी जल्दी हम कहीं और व्यवस्था कर पाएंगे. अब मैं सिर्फ अपनी बहन की शादी की तैयारियों में लगा हूं. जो भी आगे होगा वो मेरा समाज तय करेगा. मैं अब अपने समाज के ऊपर हूं.” उन्होंने कहा.

फार्म हाउस मैनेजर का ऑडियो  

जयदीप के पास गोल्डन गार्डन फार्म हाउस के मैनेजर से हुई बातचीत का ऑडियो भी है, जिसे इन्होंने न्यूज़लॉन्ड्री के साथ साझा किया. मौजूद ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि कैसे वाल्मीकि समाज के होने के चलते फार्म हाउस के मैनेजर ने उनकी बहन की शादी कैंसिल करने की बात कही. 

ऑडियो में गोल्डन फार्म हाउस के मैनेजर रईस अब्बासी जयदीप से कहते हैं, “भैया आपने यह बताया था कि आप हीरालाल के भाई हैं. सुनो, हम वाल्मीकियों का प्रोगाम नहीं लेते हैं. और हम क्या कोई भी मंडप वाला नहीं लेता है, आप अपने बुकिंग के 10 हजार रुपए ले जाना.”

इस बातबीच के दौरान जयदीप बार-बार रईस से अनुरोध करते हैं कि शादी के चार दिन बचे हैं इतनी जल्दी कहां मंडप मिलेगा?. यह आप ठीक नहीं कर रहे हैं, इस पर रईस कहते हैं कि जब मैनें तुमसे कह दिया तो कह दिया, हमारे यहां प्रोगाम नहीं होगा, कहीं और देख लो. 

जयदीप पूछते हैं कि हमारा प्रोगाम लेने से क्या दिक्कत हो जाएगी यह तो बता दीजिए, इस पर बार-बार रईस एक ही बात दोहराते हैं कि हम वाल्मीकियों का प्रोगाम नहीं लेते हैं, अपने पैसे ले जाना. 

सता रहा था डर

गोल्डन गार्डन फार्म हाउस के मैनेजर रईस अब्बासी इस ऑडियो की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि वो हमसे थोड़ी गलती हो गई थी. उनका प्रोगाम तो हमारे यहीं होगा. हमारा समझौता हो गया है, वो हमारे गांव-गांव की बात थी, हम भी उसी गांव के हैं. 

वह कहते हैं कि मैं फार्म हाउस में मैनेजर हूं मालिक नहीं हूं. तो आपने यह शादी अपनी मर्जी से कैंसिल की या मालिक के कहने पर? इस सवाल पर रईस कहते हैं कि मैं कौन होता हूं कैंसिल करवाने वाला, मैं तो नौकर हूं. 

ऑडियो के सवाल पर वह कहते हैं, “हम थोडा सा गलत समझ बैठे थे कि ये लोग शादी में सूअर का मीट बनवाएंगे, हमें मुर्गा बनवाने में कोई दिक्कत नहीं हैं. हमें यह भी नहीं पता था कि ये वाल्मीकि हैं, यह बात हमें बाद में पता चली.

“हम बस सूअर के मीट की वजह से डर रहे थे कि ऐसा हुआ तो मामला हाइलाइट हो जाएगा और हमारा मंडप बंद हो जाएगा.” उन्होंने कहा. 

इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से मिली शिकायत के आधार पर यूपी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

पुलिस ने रईस अब्बसी के खिलाफ SC\ST एक्ट समेत 504,506 की धारा में मामला दर्ज किया.

खरखौदा के थाना अध्यक्ष राजीव ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और शादी भी वहीं होगी. मामला इसलिए दर्ज किया क्योंकि फार्म हाउस मैनेजर ने गलत बात की थी. अब मामले में आगे जांच की जाएगी. 

वह आगे कहते हैं, “दो दिन बाद शादी है, कोई कहां से इतनी जल्दी मंडप करेगा, शादी वहीं उसी मंडप में होगी.” 

जयदीप का परिवार गांव में अकेला वाल्मीकि परिवार है. हालांकि गांव में जाटव (दलित) परिवार काफी रहते हैं. जयदीप कहते हैं कि सभी जाटव समाज के लोग मेरा साथ दे रहे हैं.

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