बागेश्वर बाबा के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल

अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले धीरेन्द्र शास्त्री पर हाल ही में महाराष्ट्र की संस्था अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव ने अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है.

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बागेश्वर बाबा के समर्थन में उतरे कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल
कार्तिक कक्कर
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रायपुर के गुढ़ियारी हनुमान मंदिर मैदान में नौ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया गया था. यह आयोजन, कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है. अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले धीरेन्द्र शास्त्री पर हाल ही में महाराष्ट्र की संस्था अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव ने अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है.

वहीं इस मुद्दे पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल उनके समर्थन में खड़े हुए हैं. बता दें कि हरितवाल रायपुर में हो रहे इस कार्यक्रम में बागेश्वर बाबा के साथ मंच साझा करते हुए हुए नज़र आ रहे हैं. उन्होंने मीडिया को दिए अपने बयान में बाबा का समर्थन करते हुए कहा, “हमारा देश एक हिंदू देश है, आस्था और विश्वास पर चलने वाला देश है.”

वे आगे कहते हैं कि साधु संतों को चुनौती देने का अर्थ है कि आप इस देश के धर्म को, इस देश की आस्था को चुनौती दे रहे हैं.

बता दें कि सुबोध हाल ही में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए थे. जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा था कि निश्चय ही यह यात्रा देश को नई दिशा देने में कारगर साबित होगी.

ये हैरत की बात है कि भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के बाद सुबोध हरितवाल, सीधे समय-समय पर विवादित बयान देने वाले बागेश्वर बाबा के खेमे में आ गए. इस बारे में हमने उनसे सवाल किया कि इस कार्यक्रम के आयोजन में उनकी क्या भूमिका थी?

सुबोध कहते हैं, “मेरा उस कार्यक्रम को समर्थन है और भारतीय जनता पार्टी ने जो भगवान राम के नाम पर लूट मचा कर रखी है, उसे जवाब देना भी ज़रूरी है. उन लोगों ने हिंदुत्व और भगवान राम का ठेका नहीं लिया है.”

सुबोध बताते हैं कि इस कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू-मुसलमान, कांग्रेस-भाजपा से ऊपर उठकर सहयोग किया है.

कांग्रेस शासित राज्य में हुए इस कार्यक्रम में धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा था, “हम सच्चे सनातनी हैं, धर्म परिवर्तन के खिलाफ बिगुल फूकेंगे. हिंदुओं करो तैयारी, आ गए मुगदर धारी. रायपुर वासियों धर्म परिवर्तन के खिलाफ जाग जाओ.”

बता दें कि इस कथा के पहले दिन प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके कार्यक्रम में शामिल हुई थीं. वहीं अपने से जुड़े विवादों को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने कई मुद्दों पर जवाब दिया है.

ग़ौरतलब है कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने अप्रैल 2022 में ने एक बयान दिया था जिसे लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी. वायरल वीडियो में दिए जा रहे इस बयान में उन्होंने हिन्दुओं को भड़काने की कोशिश की थी.

उन्होंने अपने बयान में कहा था, “…तुम अभी नहीं जागे तो ये तुम्हें अपने गांव में भी भोगना पड़ेगा. इसलिए निवेदन है कि सभी हिंदू एक हो जाओ, और पत्थर फेंकने वालों के घर बुलडोजर चलवाओ. कुछ दिन बाद हम भी बुलडोजर खरीदने वाले हैं. जो राम के काज में सनातनियों महात्माओं, संतों पर पत्थर चलाएगा, हम बुलडोजर उसके घर पर चलाएंगे. इसलिए हमारी प्रार्थना है कि सभी हिंदू जागो और जो तुम्हारे घर पर पत्थर फेंके, उसके घर जेसीबी लेकर चलो.”

इस बयान पर सुबोध कहते हैं, “मैंने यह बयान नहीं सुना है. यदि उन्होंने ऐसा बयान दिया है तो हम उसका बिल्कुल भी समर्थन नहीं करते हैं. लेकिन अगर वह श्रीराम की कथा पढ़ने आए हैं तो उनका हम स्वागत करते हैं.”

यही नहीं, गाहे बगाहे वे ऐसे ही विवादित और भड़काऊ बयान देते रहते हैं. मई 2022 में भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्होंने ‘अछूत’ शब्द का इस्तेमाल किया है. वीडियो में एक व्यक्ति जब धीरेंद्र शास्त्री के पैर छूने का प्रयास करता है, तो वे उसे रोक देते हैं. शास्त्री कहते हैं, “आइए आप हैं जीवन… आइए, आइए. बस-बस छूना नहीं हमें, अछूत आदमी हैं हम.”

हालांकि इस बारे में सुबोध हरितवाल हमें बताते हैं कि इस बयान का ग़लत अर्थ निकाला गया है और बाबा किसी को भी अपने पैर नहीं छूने देते हैं.

इसके अलावा महाराष्ट्र की संस्था अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव ने शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है. समिति ने चुनौती दी है कि अगर धीरेंद्र शास्त्री वास्तव में सबके बारे में बिना बताए जान लेते हैं, तो अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के सामने आएं. अगर वो जीत गए, तो उन्हें 30 लाख रुपये दिए जाएंगे. 

दरअसल महाराष्ट्र के नागपुर में श्री राम चरित्र-चर्चा का आयोजन किया गया था. यह कथा 13 जनवरी तक चलने वाली थी, लेकिन समिति द्वारा दी गई चुनौती के कारण धीरेन्द्र शास्त्री दो दिन पहले ही कार्यक्रम से भाग गए और 11 जनवरी को कार्यक्रम समाप्त हो गया.

समिति के मुताबिक 'दिव्य दरबार' और 'प्रेत दरबार' की आड़ में धीरेंद्र शास्त्री 'जादू-टोना' करते हैं. देव-धर्म के नाम पर आम लोगों से लूट, धोखाधड़ी और शोषण भी किया जा रहा है. समिति ने पुलिस से भी मांग की है कि धीरेंद्र शास्त्री पर कार्रवाई हो. कहा गया कि इसी वजह से धीरेंद्र शास्त्री को कार्यक्रम छोड़कर भागना पड़ा.

हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर से कथा छोड़कर जाने पर सफ़ाई दी है. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनके गुरु जी के जन्मदिन की वजह से सभी जगहों की कथा से 2-2 दिन कम कर दिए गए हैं. इसीलिए नागपुर की कथा से भी 2 दिन कम किए गए.  

बता दें कि समिति ने चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ औषधि और चमत्कारिक उपचार (आक्षेपणीय विज्ञापन) अधिनियम कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

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