हमला या प्रोपेगैंडा? दूरदर्शन के पत्रकारों और शिक्षकों के बीच मारपीट का सच

पत्रकारों और शिक्षकों की मारपीट का यह वीडियो वायरल हो गया. इसमें धक्का-मुक्की देखी जा सकती है.

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हमला या प्रोपेगैंडा? दूरदर्शन के पत्रकारों और शिक्षकों के बीच मारपीट का सच
कार्तिक
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कुछ दिन पहले सरकारी प्रसारणकर्ता दूरदर्शन के पत्रकारों और दिल्ली के सरकारी स्कूल के शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी. यह घटना पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में स्थित रघुबर दयाल जन कल्याण स्कूल की है. कहा गया कि डीडी के पत्रकार वहां रिपोर्टिंग करने गए थे.

13 सितंबर को दूरदर्शन के रिपोर्टर गिरीश निशाना, वीडियो जर्नलिस्ट अजय चोपड़ा और लाइटिंग असिस्टेंट आनंद कश्यप दिल्ली के सरकारी स्कूलों की कवरेज के सिलसिले में वहां गए थे. वहां उनकी शिक्षकों से कथित तौर पर हाथापाई हो गई. पत्रकारों का आरोप है कि शिक्षकों ने उनका कैमरा और रिकार्डिंग चिप तोड़ दी. स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस मारपीट में एक महिला शिक्षक को गंभीर चोटें आई हैं.

भजनपुरा पुलिस ने डीडी के पत्रकार गिरीश की शिकायत पर चार शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. दूसरी तरफ महिला शिक्षिका आंचल की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज की गई लेकिन इसमें किसी को नामजद नहीं किया गया. स्कूल प्रबंधन की शिकायत थी कि डीडी के कर्मचारी बिना किसी अनुमति स्कूल में घुसे और रिकॉर्डिंग करने लगे. लेकिन पुलिस ने उस शिकायत के आधार पर डीडी के कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है.

इस घटना का वीडियो बाद में वायरल हो गया. इसमें धक्का-मुक्की देखी जा सकती है. अब इसको लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं. स्कूली बच्चों का मामला होने के कारण दिल्ली बाल संरक्षण आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है.

क्या हुआ 13 सितंबर की दोपहर?

13 सितंबर को 12:45 बजे रघुबर दयाल जन कल्याण स्कूल में दोपहर की शिफ्ट के बच्चे आ रहे थे. इस दौरान डीडी के कैमरामैन अजय चोपड़ा भी स्कूल के अंदर घुस गए. संस्कृत भाषा के शिक्षक नागेंद्र उपाध्याय कहते हैं, “कैमरामैन बच्चों के बाथरूम में जाकर वीडियो बनाने लगे. इसके बाद वे आगे क्लासरूम का वीडियो बनाते हुए आगे बढ़ने लगे. हम उनको मना कर रहे थे. इसी दौरान वाइस प्रिंसिपल और अन्य लोगों ने हेड ऑफ स्कूल को फोन करके बुला लिया.”

हेड ऑफ स्कूल (एचओएस) आरके शर्मा न्यूज़लॉन्ड्री को बताते हैं, “स्कूल के अंदर कैमरामैन को शूट करने से मना किया गया. हमने उन्हें कहा कि प्रिंसिपल रूम में चलकर यह वीडियो डिलीट कर दे. अगर वीडियो बनाना है तो इसकी अनुमति लेकर आएं.”

शर्मा बताते हैं, “जब हम उनको लेकर प्रिंसिपल के रूम की तरफ आ रहे थे तब कैमरामैन गेट की तरफ भागने लगे. इस दौरान अन्य शिक्षकों ने उन्हें पकड़ लिया. तब वो हिंसक हो गए. इस पर हाथापाई हो गई.”

स्कूल की शिक्षिका आंचल बताती हैं, “स्कूल के गेट के बाहर स्थानीय विधायक (अजय महावर, बीजेपी) के कुछ लोग पत्रकारों के साथ आए थे. वे लोग भी स्कूल के अंदर घुस गए और शिक्षकों के साथ हाथापाई करने लगे. इस दौरान एक शिक्षक के पैर में चोट लग गई. उन लोगों ने मुझे धक्का दे दिया जिसके कारण मेरी गर्दन में चोट लग गई.”

यह पूरी घटना करीब 15 मिनट में घटी. इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने पीसीआर को फोन कर पुलिस को बुला लिया. जिसके बाद पुलिस पत्रकारों और स्कूल प्रबंधन को थाने ले गई. वहां पूछताछ के बाद मेडिकल के लिए शास्त्री पार्क स्थित जगप्रवेश अस्पताल ले जाया गया.

पत्रकारों और शिक्षकों का पक्ष

गिरीश निशाना न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, “हमें इस स्कूल के बारे में शिकायत मिली थी, इसलिए हम वहां गए थे. स्कूल के बाहर ही बच्चों और उनके पैरेंट्स से बात कर रहे थे. तब मैंने कैमरामैन को बोला की वह स्कूल के शॉट बना ले. जब वह अपना काम कर रहे थे तभी 4-5 शिक्षकों ने उन पर हमला कर दिया. इस दौरान उन लोगों ने कैमरा और रिकार्डिंग चिप को तोड़ दिया.”

गिरीश ने शिक्षकों पर आरोप लगाते हुए कहा, “गेट बंद कर हमें बंधक बनाने की कोशिश की गई.” वह आगे कहते हैं, “टिनशेड का स्कूल है, बच्चों को साफ पानी नहीं मिलता. साथ ही कई समस्याएं हैं जिसको दिखाने के लिए हम लोग इस स्कूल में आए थे.”

कैमरामैन अजय चोपड़ा कहते हैं, “मैं स्कूल प्रिंसिपल के साथ उनके कमरे में जा रहा था तभी अचानक से शिक्षकों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान उन्होंने मेरा कैमरा तोड़ दिया.”

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