अफगानी महिलाओं ने सैनेटरी नैपकिन बनाकर शुरू किया खुद का व्यवसाय

यह सैनिटरी नैपकिन बाजार में मिलने वाले प्लास्टिक सैनिटरी नैपकिन से अलग और सुरक्षित हैं.

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बता दें कि अफगानिस्तान की रूढ़िवादी संस्कृति में, मासिक धर्म के बारे में तमाम गलतफहमियां हैं. अफगानिस्तान में मासिक धर्म को भ्रम माना जाता है. युवा लड़कियां इसे नकारात्मक, शर्मनाक या गंदी चीज से जोड़ती हैं. कई माता-पिता अपनी बेटियों के साथ मासिक धर्म पर चर्चा करने से इनकार करते हैं. दूसरी ओर, लड़कियां अपने मासिक धर्म की शुरुआत के बारे में इस डर से चुप रहती हैं कि उनके माता-पिता उनकी शादी कर देंगे.

हाल ही में यूनिसेफ की एक यू-रिपोर्ट पोल के अनुसार, अफगानिस्तान में 50 प्रतिशत से अधिक लड़कियों को मासिक धर्म होने के बाद भी उन्हें इसके बारे में नहीं पता होता है.

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