जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: बागपत में जो हुआ वह कभी नहीं हुआ!

बागपत जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी राजस्थान के भरतपुर में हैं. उनकी जगह एडीएम और डीएम की मौजूदगी में फर्जी प्रत्याशी उनका नामांकन वापस कराने जा पहुंची.

WrittenBy:अवधेश कुमार
Date:
सपा-लोकदल गठबंधन की प्रत्याशी ममता किशोर
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वह आरोप लगाते हैं, "इस मामले में सारी मिलीभगत एडीएम की है. जब मैंने एडीएम से बात की तो उन्होंने मुझसे कहा कि आपकी पत्नी आई थीं और पर्चा वापस लेकर चली गईं. फिर मैंने कहा कि मेरी पत्नी तो मेरे साथ है. और हम लोग 26 तारीख से ही बाहर आए हुए हैं. इस बात पर एडीएम ने कहा कि हमने तो फोटो और साइन दोनों का मिलान किए थे. इसके बाद हमें डीएम ने वीडियो कॉल की. हमने उन्हें यहां से सीसीटीवी फुटेज, लाइव लोकेशन और यहां के थाने और डीएम से मिलकर पुष्टि कराई कि हम राजस्थान में हैं. डीएम ने मेरी पत्नी से पूछा कि आपने एफिडेविट दिया था तो मेरी पत्नी ने कहा कि मैं तो 26 तारीख से बाहर हूं ना मैंने कोई एफिडेविट दिया और ना ही मैं वहां गई. इस दौरान हमने डीएम से मामले में जांच कर दोषी को सजा देने की बात भी कही है."

न्यूजलॉन्ड्री ने जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रत्याशी ममता किशोर से भी बात की. उन्होंने कहा, “हम लोग 26 तारीख से ही अपने सदस्यों के साथ भरतपुर में हैं. वहां कोई ममता नाम की फर्जी महिला पहुंची हैं. मैंने डीएम से वीडिओ कॉल पर बात करके पुष्टि करा दी है."

हमने बागपत के एडीएम अमित सिंह से भी बात की. पहले तो उन्होंने बात करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि प्रेस रिलीज जारी कर दी गई है. जो मामला था उस बारे में मीडिया में बयान दे दिया है. आप अपने किसी साथी से प्रेस रिलीज लेकर पढ़ लीजिए. लेकिन जब हमने उनसे सवाल किया कि क्या इस घटना के वक्त आप वहां मौजूद थे? इस पर वह कहते हैं, "हां मैं और डीएम साहब दोनों ही वहां मौजूद थे. बार-बार पूछने के बाद भी वह महिला आपने आप को ममता बताती रही. यह सब कैमरे के सामने हुआ. लेकिन जब लोगों ने हमें बताया कि यह ममता नहीं है तब हमने इस मामले में जांच कराई और मामला फर्जी पाया गया. वह एक पन्ने पर लिखकर लाई थीं जिस पर लिखा था कि मैं ममता नामांकन वापिस ले रही हूं. महिला कौन थीं इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली हैं. हम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच करा रहे हैं."

बता दें कि उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनावों में लगातार बीजेपी पर धांधली का आरोप लग रहा है. सत्ता द्वारा कई जिलों में दबंगई और धनबल का प्रयोग कर चुनाव जीतने की खबरें सुर्खियों में हैं. हाल ही में अमरोहा से प्रत्याशी सकीना बेगम ने भी भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि अधिकारियों ने सत्ता के दबाव में आकर उनका पर्चा खारिज करवा दिया. यहां भाजपा ने पूर्व सासद कंवर सिंह तंवर के पुत्र ललित तंवर जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिए गए.

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