एनबीएफ की बार्क से टीवी रेटिंग जारी करने की मांग

अक्टूबर महीने में बार्क ने 8 से 12 सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दी थी रेटिंग.

एनबीएफ की बार्क से टीवी रेटिंग जारी करने की मांग
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न्यूज़ ब्राडकॉस्टर फेडरेशन (एनबीएफ) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) से टीवी रेटिंग जारी करने की मांग है. देश के सबसे ज्यादा टीवी चैनलों के साथ जुड़े होने का दावा करने वाली संस्था ने बार्क से आग्रह करते हुए कहा कि वह भविष्य में डाटा एकत्रित करने के लिए सही कदम उठाए.

बता दें कि बार्क ने 15 अक्टूबर को टीआरपी में छेड़छाड़ को लेकर रिपब्लिक टीवी और दो अन्य चैनलों का नाम आने के बाद 8 से 12 सप्ताह के लिए रेटिंग को रद्द कर दिया था. तब बार्क ने कहा था टेक्निकल टीम इस मामले की जांच करेगी तब तक के लिए सभी हिंदी, अंग्रेजी और बिज़नेस न्यूज़ चैनलों के रेटिंग सस्पेंड किए जा रहे हैं.

एनबीएफ द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि, टीवी मीडिया इंडस्ट्री से लाखों लोगों का गुजर-बसर होता है, और टीवी मीडिया का राजस्व सीधे तौर पर बार्क के रेटिंग से जुड़ा है. इसलिए एनबीएफ मांग करता है कि तत्काल प्रभाव से समाचार चैनलों की रेटिंग को जारी किया जाए.

पत्र में कहा गया हैं कि विज्ञापन देने वाले दो प्रमुख संस्थान एडवरटाइजिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएएआई) और इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवरटाइजर्स (आईएसए) के लिए भी यह रेटिंग महत्वपूर्ण है इसलिए इन्हें जारी किया जाए.

Also Read : टीआरपी घोटाला: बार्क कैसे डेटा की हेरा-फेरी में रहस्यमय बनी हुई है
Also Read : टीआरपी रेटिंग पर बनी कमेटी ने सूचना मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट, कहा- अधिक पारदर्शिता की जरूरत

न्यूज़ ब्राडकॉस्टर फेडरेशन (एनबीएफ) ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) से टीवी रेटिंग जारी करने की मांग है. देश के सबसे ज्यादा टीवी चैनलों के साथ जुड़े होने का दावा करने वाली संस्था ने बार्क से आग्रह करते हुए कहा कि वह भविष्य में डाटा एकत्रित करने के लिए सही कदम उठाए.

बता दें कि बार्क ने 15 अक्टूबर को टीआरपी में छेड़छाड़ को लेकर रिपब्लिक टीवी और दो अन्य चैनलों का नाम आने के बाद 8 से 12 सप्ताह के लिए रेटिंग को रद्द कर दिया था. तब बार्क ने कहा था टेक्निकल टीम इस मामले की जांच करेगी तब तक के लिए सभी हिंदी, अंग्रेजी और बिज़नेस न्यूज़ चैनलों के रेटिंग सस्पेंड किए जा रहे हैं.

एनबीएफ द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि, टीवी मीडिया इंडस्ट्री से लाखों लोगों का गुजर-बसर होता है, और टीवी मीडिया का राजस्व सीधे तौर पर बार्क के रेटिंग से जुड़ा है. इसलिए एनबीएफ मांग करता है कि तत्काल प्रभाव से समाचार चैनलों की रेटिंग को जारी किया जाए.

पत्र में कहा गया हैं कि विज्ञापन देने वाले दो प्रमुख संस्थान एडवरटाइजिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएएआई) और इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवरटाइजर्स (आईएसए) के लिए भी यह रेटिंग महत्वपूर्ण है इसलिए इन्हें जारी किया जाए.

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