जब पत्रकार के सवाल पर फंस गए भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन

टीवी एंकर संदीप चौधरी और बीजेपी प्रवक्ता शहनावाज हुसैन के बीच बिहार चुनाव को लेकर हुई डिबेट का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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न्यूज-24 पर एक डिबेट के दौरान टीवी एंकर संदीप चौधरी और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन में बहस हो गई. टीवी शो के दौरान हुई इस बहस की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें टीवी एंकर संदीप चौधरी और शहनावाज हुसैन बहस करते हुए नजर आ रहे हैं. बिहार में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है. इसी को लेकर न्यूज-24 चैनल पर एक डिबेट शो हुआ था. इसी प्रोग्राम में शहनावाज हुसैन ने हिस्सा लिया था.

डिबेट के दौरान संदीप चौधरी ने शहनावाज हुसैन से पूछा कि बिहार में किन मुद्दों पर चुनाव होगा? बिहार में पिछले 15 सालों में क्या विकास हुआ है? कितनी फैक्ट्री लगी हैं? इन सवालों पर शहनावाज हुसैन कन्नी काटते हुए नजर आए. संदीप चौधरी के बार-बार सवाल पूछने पर शहनावाज ने कहा कि अरे आप तो इकोनॉमिस्ट भी हो जाते हैं. इस पर संदीप चौधरी ने कहा कि हां, मैं इकोनॉमिस्ट हूं भाई.

इस पर शहनावाज कहते हैं कि, मुझे पता है चौधरी साहब आप तो वेस्टर्न यूपी के आदमी हैं. हम तो गांव देहात के हैं. इस पर फिर से संदीप चौधरी कहते हैं कि मुझे तो आप यह बता दीजिए की बिहार में कितनी फैक्ट्री लगी हैं? शहनावाज कहते हैं कि आप मेरी तरह पेड़ के नीचे नहीं पढ़े हैं ना बोरा बिछाकर लालटेन में. आप तो बिजली में पढ़े आदमी हैं.

इस पर संदीप चौधरी कहते हैं कि यह मेरा गुनाह हो गया. शहनावाज कहते हैं कि मेरा गुनाह यह था कि मुझे हुकूमत लालूजी की मिली. शाहनवाज इसके लिए लालू यादव को कोसते हैं. भाजपा नेता मुद्दे को भटकाने की कोशिश करते नज़र आए. इसके बाद संदीप चौधरी ने फिर से वही सवाल पूछा कि कितने स्कूल खुले हैं, कितनी यूनिवर्सिटी खुली हैं बिहार में बीते 15 साल के शासन में? इस दौरान शहनावाज ने जो आंकड़े दिए उन सबको एंकर ने गलत ठहरा दिया.

संदीप कहते सुनाई दिए कि मुझे यह गलत आंकड़े मत परोसिए. खैर अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो के जरिए भाजपा और शहनावाज हुसैन की खिल्ली उड़ा रहे हैं.

फेसबुक पर एक यूजर ने लिखा- "अगर ईमानदार पत्रकार सत्ताधारियों की दलाली न करे और आंख में आंख डालकर जनहित के सवाल पूछे तो दिग्गज राजनेता भी ऐसे मिमियाते नजर आएंगे जैसे ये... मिमिया रहा है." उन्होंने आगे लिखा कि "पत्रकारों के सवाल ये नहीं होते कि आप इतना स्टेमिना कहां से लाते हो या आम कैसे खाते हो. सवाल यह होते हैं कि जिस जनता ने आपको चुना है, उन्हें आपने वादे के मुताबिक कितना दिया."

एक अन्य यूजर ने लिखा कि "जिस दिन सारे पत्रकार ऐसे हो जाएंगे और सवाल जवाब करना शुरू कर देंगे, उस दिन इन जैसे नेता लाइव डिबेट में औल फौल बकना शुरू कर देंगे.

वहीं ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा कि "जब प्रवक्ताओं की ट्रेनिंग पाकिस्तान और हिंदू- मुस्लिम पर हो तो शिक्षा और रोजगार पर जवाब कहां दे पाएंगे. और पत्रकार गलत सवाल कर रहे हैं इन्हें पूछना चाहिए कि आम चूसकर खाना चाहिए या काटकर."

सोशल मीडिया पर लोग शहनावाज हुसैन की उस बात को भी गलत ठहरा रहे हैं जिसमें वह कह रहे हैं कि जब वह 10वीं में थे तब बिहार में लालू की हुकूमत थी. एक यूजर ने लिखा- "शहनावाज भाई जब आप 1986 में दिल्ली में बीए कर रहे थे तो 1990 में 10वीं में कैसे थे? क्या ये झूठ नहीं है? क्या आपका यही ईमान है?... इसी तरह से झूठ बोलकर लालू जी को फंसाया गया."

बता दें कि बिहार विधानसभा 2020 के चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है. बिहार में तीन चरणों में चुनाव संपन्न होंगे. मतदान 28 अक्तूबर, तीन और सात नवंबर को होंगे. जबकि 10 नवंबर को नतीजे आएंगे.

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