स्कूलों को ठीक करने की जिम्मेदारी सरकार की हैं और उनकी कमियों को उजागर कर सरकार के संज्ञान में लाने की जिम्मेदारी मीडिया की.
देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बाद सरकारी स्कूलों के हालात पर चर्चा होने लगी है. इस बीच गुजरात में एक ही सरकारी स्कूल के लिए एएनआई और न्यूज़ 18 गुजराती ने वीडियो बनाया है.
दोनों ने वीडियो में बताया कि स्कूल इतने अच्छे हैं कि एडमिशन के लिए लाइन लगी हुई हैं. हालांकि, दोनों ने यह बताने की जहमत नहीं उठाई कि इसी प्रदेश में बाकी स्कूलों के हालात क्या हैं.
गौरतलब है कि गुजरात में ड्रापआउट रेट ‘रेड जोन’ में हैं. प्रदेश में दो साल में 75 प्राइमरी स्कूल बंद हो चुके हैं. 9442 क्लासरूम की कमी है और 2674 स्कूल शिफ्ट में चल रहे हैं. इतना ही नहीं गुजरात में हर 29 छात्र पर एक शिक्षक हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 24 छात्रों का है. गुजरात के 2335 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जिनमें कुल 80 हजार छात्र पढ़ रहे हैं.
स्कूलों को ठीक करने की जिम्मेदारी सरकार की हैं और उनकी कमियों को उजागर कर सरकार के संज्ञान में लाने की जिम्मेदारी मीडिया की लेकिन इतनी कमियां होने के बावजूद एक ही स्कूल के कसीदे पढ़े जा रहे.
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