play_circle

-NaN:NaN:NaN

For a better listening experience, download the Newslaundry app

App Store
Play Store

एनएल चर्चा 442: चुनाव आयोग के भीतर बगावत के सुर और दिल्ली से लेकर जमुई तक गहराता महिला सुरक्षा का संकट

     

एनएल चर्चा के इस अंक में भारत के चुनाव आयोग के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' से संबंधित 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट पर चर्चा की गई, जिसमें दावा किया गया है कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इसके अलावा चर्चा में बिहार के जुमई में नाबालिग़ युवती के साथ हुई बदसलूकी पर भी गंभीरता से बात हुई.

वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरे देश में कांग्रेस पार्टी का विरोध प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ज्ञानेश कुमार का  48 घंटे का दिया गया अल्टीमेटम, दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की लड़की के साथ गैंगरेप की घटना, नोएडा में मजदूरों के विरोध-प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बदला आदेश, एक्टिविस्ट की एनएसए हिरासत बरकरार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सेलेब्स से अपील हेल्थ के लिए नुकसानदायक प्रोडक्ट्स का विज्ञापन न करें, त्रि-भाषा नीति मामला में मौजूदा कक्षा 6 के छात्रों को छूट देने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को और समय मिला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा राज्य तय कर सकता है राष्ट्रीय गीत, लेकिन धार्मिक वजहों से वंदे मातरम ना गाने पर कोई आपराधिक कार्रवाई ना हो, आईआईटी-बॉम्बे के छात्र की मौत पर माता-पिता का आरोप, बच्चे के साथ हुआ जातिगत भेदभाव, मीडिया आउटलेट्स के साथ जारी तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र में ट्रंप ने सीएनएन से कहा, 'आपको यहां नहीं होना चाहिए', जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल 27 पदक जीत लिए हैं, जैसी ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.

इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और खबर लहरिया की सह-संस्थापक और संपादक कविता बुंदेलखंडी शामिल हुईं. वहीं न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा ने बातचीत में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “अगर दो दो चुनाव आयुक्त लगातर लिखित आपत्तियां दर्ज कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त उनका जवाब नहीं दे रहे हैं तो ऐसे में उन दोनों आयुक्तों के पास क्या कोई और क़ानूनी विकल्प मौजूद होता है?”

इस विषय पर अभिषेक कहते हैं, “यह मुद्दा बहुत ज़्यादा व्यापक है, 23 वर्ष पहले उच्चतम न्यायलय ने यह स्पष्ट कर दिया था, मुख्य आयुक्त सर्वोपरि नहीं होते हैं, ऐसे में भारतीय निर्वाचन आयोग में सभी महत्वपूर्ण फैसले आपसी सहमति, सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं.”

सुनिए पूरी चर्चा -

टाइमकोड्स:

00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना 

3:50 - सुर्खियां 

08:55 - एशियन गेम्स 

15:47 - मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद  

52:22 - सब्सक्राइबर्स के पत्र 

58:07 - महिला सुरक्षा पर संकट 

01:15:33 - सलाह और सुझाव


नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.

पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए

हृदयेश जोशी 

बायोग्राफी- द फॉल ऑफ ए स्पैरो

विकास जागड़ा

वेब सीरीज - चुंबक

किताब - हाउ डेमोक्रेसीज़ डाई

कविता बुंदेलखंडी 

किताब- बड़ी आई पत्रकार 

अतुल चौरसिया 

रिपोर्ट - ‘I didn’t know my name was deleted’: Voters in Okhla on the pre-SIR ‘clean-up’

रिपोर्ट -बुराड़ी में एसआईआर का असर, 1 लाख 67 हजार लोगों के नाम वोटर लिस्ट से बाहर 

चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.

ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा / प्रियंका शर्मा 

प्रोडक्शन : हसन बिलाल 

संपादन: हसन बिलाल

Also see
article imageएनएल चर्चा 441: एनडीए में यूसीसी पर मंथन, सेवा संकल्प अभियान और बिहार की बाढ़ 
article imageएनएल चर्चा 440: ब्रिक्स के मंच पर वैश्विक नेता, मणिपुरी संगीतकार चांगथम विक्रम की हत्या और दिल्ली में दर्दनाक पीजी हादसा
article imageएनएल चर्चा 439: दिल्ली मतदाता सूची में भारी कटौती, 7.8% जीडीपी की हकीकत और सुभाष चंद्रा की क़र्ज़माफ़ी

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like