वंदे मातरम् के सभी छंद गाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व जस्टिस मुरलीधर के बीच तीखी बहस हुई.
वंदे मातरम् के सभी छंद गाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व जस्टिस मुरलीधर के बीच तीखी बहस हुई. सुनवाई के दौरान ‘नक्सली’ शब्द के इस्तेमाल पर जस्टिस मुरलीधर ने कड़ी आपत्ति जताई.
कोर्ट ने दोनों पक्षों को संवैधानिक मुद्दे तक सीमित रहने को कहा और कहा कि राष्ट्रीय गीत के स्वरूप का फैसला लोकतांत्रिक राज्य का विषय है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक आधार पर राष्ट्रीय गीत न गाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
इस वीडियो में जानिए वंदे मातरम् विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ और बहस के दौरान ‘नक्सली’ शब्द को लेकर विवाद क्यों हुआ.
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