प्रचार पर करोड़ों फूंकने वाले मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल को सालों से मरम्मत का इंतजार

जर्जर हालत और क्षतिग्रस्त छत के कारण इस स्कूल की इमारत में दो साल से अधिक समय से कक्षाएं नहीं लग पाई हैं.

WrittenBy:प्रतीक गोयल
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मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले दो सालों में प्रचार और प्रसार पर हर रोज़ लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. वहीं, मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अशोकनगर जिले के बरवटपुरा प्राथमिक विद्यालय जैसे स्कूल महज़ 2 लाख रुपये की मरम्मत के लिए वर्षों से इंतज़ार कर रहे हैं.

जर्जर हालत और क्षतिग्रस्त छत के कारण इस स्कूल की इमारत में दो साल से अधिक समय से कक्षाएं नहीं लग पाई हैं. बच्चों को पेड़ों के नीचे या ग्रामीणों के घरों में पढ़ना पड़ रहा है. 

बरसात के दौरान खराब सड़कें और नदियों का बढ़ता जलस्तर करीब तीन महीने तक पढ़ाई में बाधा डालते हैं. बरवटपुरा से आगे प्राथमिक कक्षाओं के बाद के स्कूल दूर होने के कारण बच्चों को वहां पहुंचने में भी परेशानी होती है.

ग्रामीण इलाकों के ऐसे स्कूलों की स्थिति और इसका छात्रों की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को समझने के लिए देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट. 

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