भाजपा की दलित विधायक जय देवी कौशल ने आरोप लगाया कि पासी-दलित होने के कारण उन्हें मंदिर में पूजा नहीं करने दिया गया.
बीते दिनों लखनऊ की मलिहाबाद सीट से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने अपने साथ जातीय भेदभाव का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि काकोरी कस्बे के शीतला मंदिर में आयोजित जीर्णोद्धार कार्यक्रम के दौरान उन्हें पूजा नहीं करने दी गई. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह पासी, दलित समाज से हैं.
जय देवी कौशल ने लगे हाथ यह दावा भी किया कि मंदिर का जीर्णोद्धार उनके प्रयासों से ही संभव हुआ था. उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 78 लाख रुपए मंजूर करवाया था. बावजूद इसके उन्हें अगरबत्ती या धूप बत्ती तक नहीं जलाने दिया गया. इस पूरे मामले पर हमने विधायक जय देवी कौशल और उनके पति, पूर्व सांसद कौशल किशोर से बात की.
विधायक जय देवी कौशल बताती हैं कि वह 19 जुलाई को मंदिर में पूजा के लिए पहुंची थीं. उनके मुताबिक, मंदिर पहुंचने के बाद एक पंडित ने पूरी पूजा कराई लेकिन उन्हें सिर्फ खड़ा रखा गया और पूजा में कुछ भी नहीं करने दिया गया.
वह कहती हैं, “दो मंदिरों के लिए हमने एक करोड़ रुपए से ज्यादा की निधि उपलब्ध करवाई. वहां लोगों ने यह भी कहा कि विधायक जी ने ही पैसा पास करवाया है, उनसे भी कुछ करवा लीजिए. लेकिन पंडित ने अपने श्लोक शुरू कर दिए और मुझसे कुछ नहीं करवाया गया. इसके बाद मैं वहां से चली गई.”
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