हर्ष कहते हैं कि सीजेपी में उन्हें नीट के छात्र विरोध प्रदर्शन करते हुए नहीं मिले, वह सभी छात्र दूसरे थे.
देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान एक छात्र हर मीडिया चैनल पर जाकर आरक्षण की बात करने लगा. देखते ही देखते यह छात्र सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों का हिस्सा बन गया. जिसके बाद ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ जैसे पेज भी सोशल मीडिया पर बने. इस छात्र का नाम है हर्ष दुबे.
हर्ष ने न्यूजलॉन्ड्री से बात करते हुए कहा कि उनकी मांग आरक्षण में सुधार की है न कि खत्म करने की. उन्होंने कहा कि वे आरक्षण का विरोधी नहीं बल्कि उसमें सुधार के समर्थक हैं. हालांकि, यह सुधार कैसा होगा, क्या होगा इसे लेकर फिलहाल दुबे के पास कोई खाका नहीं है. उन्होंने कहा कि वह 21 अगस्त से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे और उनकी मांग है कि सोशल मीडिया पर साथ देने वाले लोग उन्हें सीजेपी की तरह ही समर्थन दें.
हर्ष ने हमसे बातचीत में कहा, “वह आरक्षण के विरोधी नहीं हैं, बस वह सुधार चाहते हैं. वह कहते हैं कि सीजेपी में उन्हें नीट के छात्र विरोध प्रदर्शन करते हुए नहीं मिले, वह सभी छात्र दूसरे थे. यह पूछने पर कि आपने कैसे तय किया कि यहां नीट के छात्र नहीं थे तो वह कहते हैं, मैंने 15-20 लोगों से बात की थी. उसमें मुझे कोई नीट का छात्र नहीं मिला.”
सवाल ये है कि हजारों की भीड़ में सिर्फ कुछ लोगों से बातचीत के आधार पर क्या आंदोलन को खारिज कर देना चाहिए. देखिए दुबे के साथ हमारी ये खास बातचीत.
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