हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा के इस अंक में जेन ज़ी की जीवनशैली, मीम कल्चर, प्रधानमंत्री का वीडियो कुछ देर के लिए हटाने पर मार्क ज़ुकरबर्ग द्वारा मांगी गई माफ़ी और विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा आरबीआई ने अगले साल से प्लास्टिक करेंसी नोट पेश करने की योजना की घोषणा की, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी, प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य जारी रहने के साथ असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या और बढ़ गई, सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना चुनाव चिह्न विवाद में ‘असली’ राजनीतिक दल का निर्धारण करने के लिए स्पष्ट मानदंड मांगे, विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बीच झारखंड परीक्षा अनियमितता मामले में पांच और गिरफ्तारियां, एसीसी ने केंद्रीय गृह सचिव और कैबिनेट सचिव के लिए एक-एक साल के सेवा विस्तार को मंजूरी दी, संभल हिंसा जांच पैनल ने इस अशांति को मस्जिद सर्वेक्षण को रोकने की एक नियोजित साजिश बताया, बांग्लादेश ने ढाका/दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद नाराजगी जताई और कहा कि इस कार्यक्रम ने भारत के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाया है, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों के घरों पर गुंडे भेजे जा रहे हैं, भर्ती अनियमितताओं को लेकर झारखंड जेपीएससी-जेएसएससी छात्र विरोध तेज और अभ्यर्थियों ने तिरंगा मार्च तथा विधानसभा घेराव का ऐलान किया, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि 'मान्यता प्राप्त' मीडिया आउटलेट अदालतों की रिपोर्टिंग कर सकते हैं लेकिन सुनवाई के ऑडियो या वीडियो क्लिप साझा नहीं कर सकते, शरद पवार की एनसीपी ने सभी प्रवक्ताओं को पद से हटा दिया, और लखनऊ में छह कांवड़ियों ने एक स्कूल वैन पर हमला कर उसकी विंडस्क्रीन तोड़ दी आदि ख़बरें भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ अधिवक्ता अपार गुप्ता शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से बातचीत में सह संपादक शार्दूल कात्यायन, सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार और अश्विन सिंह ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “बड़ा सेलेक्टिव तरीके से मेटा द्वारा कंटेंट को हटाया जाता है जिसकी कोई जवाबदेही नहीं होती है लेकिन यह पहली बार हुआ है जब मेटा ने प्रधानमंत्री का ही वीडियो फेसबुक से हटा दिया जिसके बाद उन्हें माफ़ी भी मांगनी पड़ी. यह जो पूरा मामला है इसे आप कैसे देखते हैं अपार?”
इस विषय पर अपार कहते हैं, “किसी भी देश के प्रधानमंत्री का वीडियो इस तरह हटाया जाना सही नहीं है और यह दिखाता है चाहे वह हम हों या कोई और देश के नेता कि हम अपने लोगों से कनेक्ट करने के लिए किस क़द्र निर्भर हो चुके हैं मेटा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चाहे वह फेसबुक हो इंस्टाग्राम हो या ट्विटर.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
4:31 - सुर्खियां
12:00 - मेटा ने हटाया प्रधानमंत्री का वीडियो
46:00 - जेन ज़ी और मीम कल्चर
1:13:20 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
1:17:36 - FCRA विधेयक
01:32:33 - सलाह और सुझाव
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पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
रिपोर्ट - रुपीस 2,192 करोड़ क्लियरड, 62% फॉर फर्म्स लिंक्ड टू गवर्नमेंट टेक फंड पैनल
किताब - कॉस्मिक क्वेरीज़
यूट्यूब वीडियो - वाई डज़ एव्री मैमल्स गेट 1 बिलियन हार्टबीट्स इन देयर लाइफ?
अपार गुप्ता
गाना - सफर
बसंत कुमार
सीरीज - मुसाफिर कैफ़े
सौरभ द्विवेदी के साथ जोजी जोसफ की बातचीत
अश्विन सिंह
सीरीज़ - ग्राम चिकित्सालय
डॉक्यूमेंट्री पॉडकास्ट - होप एंड फियर: इंडियाज स्पेस रिवोल्यूशन
अतुल चौरसिया
रिपोर्ट - रुपीस 2,192 करोड़ क्लियरड, 62% फॉर फर्म्स लिंक्ड टू गवर्नमेंट टेक फंड पैनल
लेख - जेन ज़ीज़ पैरेंट्स मस्ट आंसर फॉर देयर पॉलिटिक्स, क्राइसिस इट क्रिएटेड
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
एनएल चर्चा 434: CJP प्रदर्शन के बाद छात्रों पर पुलिस का शिकंजा, मीडिया का नैतिकता पाठ और असम में बाढ़
एनएल चर्चा 433: जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, सोनम वांगचुक की हिरासत और पुलिस का एक्शन