हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा के इस अंक में सीबीएसई की आंसर शीट बदले जाने की बड़ी लापरवाही और इस पर सवाल उठाने वाले छात्र को ऑनलाइन 'पाकिस्तानी' कहे जाने के विवाद, पहाड़ों पर पीने के पानी के संकट और केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट को दिल्ली जिमखाना क्लब पर जबरन पुलिसिया कब्जा नहीं किए जाने का आश्वासन दिए जाने को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा यूपी के कानपुर और प्रयागराज में पेपर लीक की अफवाहों के बाद परीक्षा रद्द होने पर छात्रों ने की भारी तोड़फोड़, प्रवर्तन निदेशालय ने सीएमआरएल पे-ऑफ मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घरों पर छापेमारी, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची में एसआईआर करने की शक्ति को बरकरार रखा, मुंबई के मीरा रोड पर ईद की कुर्बानी के बकरे लाने को लेकर दो गुटों में झड़प के बाद भारी पुलिस तैनात, दुष्कर्म का दोषी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 16वीं बार 30 दिनों की पैरोल पर लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ जेल से आया बाहर, राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को सामूहिक दुष्कर्म के केस से बरी किया लेकिन नाबालिग रेप केस में उम्रकैद बरकरार रखी, बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन को कोर्ट की अवमानना मामले में सिंगापुर की अदालत ने 6 महीने जेल की सजा सुनाई, चीन के कड़े रुख के बीच भारत और अमेरिका ने 'क्रिटिकल मिनरल्स' की सुरक्षित सप्लाई के लिए एक अहम समझौता किया, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो का भारत दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को स्थिर करने के लिहाज से माना जा रहा है बेहद अहम, गुजरात के कच्छ तट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध पाकिस्तानी जहाज से 1,000 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त की, इजरायल द्वारा लेबनान में हवाई हमले तेज करने के कारण कई बच्चों सहित कम से कम 31 लोगों की मौत और युगांडा से लौटे यात्रियों के चलते बेंगलुरु के बाद अब महाराष्ट्र के नागपुर में भी इबोला वायरस को लेकर हाई अलर्ट जारी आदि ख़बरें भी चर्चा में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और शिक्षा नीति और व्यवस्था सुधार विशेषज्ञ शाहनवाज़ ख़ान ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “यह जो गड़बड़ी हुई है जिसमें कहा जा रहा है कि पायलट प्रोजेक्ट बहुत हड़बड़ी में लागू किया गया बिना किसी ट्रायल के, इस जल्दबाज़ी की क्या वजह नज़र आती है?”
इस मुद्दे पर शाहनवाज़ कहते हैं, “यह जल्दबाज़ी वाला मामला नहीं है, इसके बारे में चर्चा काफी लंबे समय से सीबीएसई में चल रही है और इस प्रोजेक्ट का मक़सद यह था कि प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और स्कैन कॉपी ज़रूरत पड़ने पर बच्चों तक भी पहुंचाई जा सके.”
सुनिए पूरी चर्चा-

Independent journalism is not possible until you pitch in. We have seen what happens in ad-funded models: Journalism takes a backseat and gets sacrificed at the altar of clicks and TRPs.
Stories like these cost perseverance, time, and resources. Subscribe now to power our journalism.
₹ 500
Monthly₹ 4999
AnnualAlready a subscriber? Login