निवासी बताते हैं कि यह दिक्कत अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू हो गई थी. जो मई में आते-आते ज्यादा बढ़ने लगी है.
गर्मी बढ़ते ही द्वारका के कई सेक्टरों में पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है. सेक्टर-6 से लेकर सेक्टर-12 तक कई अपार्टमेंट्स में पानी की समस्या शुरू हो गई है और यह दिक्कत सबसे ज्यादा सेक्टर-10 में देखने को मिल रही है. यहां के कुछ अपार्टमेंट्स एक हफ्ते में पांच प्राइवेट टैंकर मंगा चुके हैं. डीएमपी अपार्टमेंट में अब तक पानी के लिए करीब 25 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं. वहीं, कुछ अपार्टमेंट्स में यह समस्या मार्च से ही शुरू हो गई थी, जिसके कारण वे करीब 1 लाख रुपये तक खर्च कर चुके हैं.
दिल्ली का समर एक्शन प्लान 2026 हर साल होने वाली पानी की समस्याओं को खत्म करने में सफल नहीं दिख रहा है. दिल्ली के 2025–26 आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली जल बोर्ड का अनुमान है कि शहर में पानी की मांग अब 1250 मिलियन गैलन प्रति दिन है, जबकि मांग और आपूर्ति के बीच 250 मिलियन गैलन प्रति दिन का अंतर बना हुआ है.
नकुल कुमार नरूला, पैसिफिक अपार्टमेंट के सचिव नकुल कुमार नरूला कहते हैं, "पानी की दिक्कत अप्रैल महीने के पहले हफ्ते से ही शुरू हो गई थी, जिस वजह से हमें टैंकर के जरिए दूसरे स्रोतों से पानी मंगाना पड़ा. एक हफ्ते में हमें तीन टैंकर मंगाने पड़ते हैं. हमने रेजिडेंट्स को भी सूचित कर दिया है कि पानी की खपत कम करें. तीन टैंकर मंगाने से हम पर आर्थिक बोझ पड़ा है, इसके अलावा हमारे जो नियमित बिल आते हैं, वे अलग हैं."
कुछ यही कहानी कई अपार्टमेंट्स की है. इस किल्लत की वजह जानने के लिए हमने दिल्ली जल बोर्ड से संपर्क किया है. अगर उनकी ओर से कोई जवाब आता है, तो उसे ख़बर में अपडेट कर दिया जाएगा.
देखिए हमारी यह वीडियो रिपोर्ट.
ग्राउंड रिपोर्ट: यमुना में बढ़ता अमोनिया और दिल्ली में गहराता पानी का संकट