हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा में इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते और असम व पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा असम, केरल और पुडुचेरी में हुआ बंपर मतदान, इलाहबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफ़ा, ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम को किया स्वीकार, युद्धविराम के बावजूद इजराइल के लेबनान पर हमले जारी, तृणमूल कांग्रेस के मंत्रिमंडल ने चुनाव आयोग से की मुलाक़ात, एसआईआर प्रक्रिया के बाद जारी उत्तरप्रदेश की मतदाता सूची में दो करोड़ मतदाता घटे, पश्चिम बंगाल के लिए बीजेपी ने जारी किया अपना घोषणा पत्र, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली ज़मानत और सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले पर सुनवाई शुरू की आदि ख़बरें भी हफ्ते भर सुर्ख़ियों में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा सुब्रमण्यम और अफरीदा हुसैन ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से चर्चा में विकास जांगड़ा शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “कथित शांति समझौता जो ट्रंप ने घोषित किया, जिसे लेकर इज़राइल ने कहा है कि हमसे मशवरा नहीं किया गया और लेबनान पर हमले जारी रखे. इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया, इस पूरे प्रकरण को कैसे देखा जाना चाहिए.”
इस विषय पर निरुपमा कहती हैं, “ट्रंप को चाहिए था कि किस तरह वे इस युद्ध से निकलें और अपनी जीत की घोषणा कर सकें. उनको यह युद्ध इसलिए भी खत्म करना था कि यह उनके लिए एक राजनीतिक जाल की तरह बन गया था और उन्हें अपनी ही देश में विरोध का सामना करना पड़ रहा था.”
सुनिए पूरी चर्चा -

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