हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा में इस हफ्ते ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी युद्ध और बिहार में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा ईरान के सर्वोच्च नेता सयैद अली ख़ामेनेई की अमरीकी हमले में हुई मौत, ईरान के स्कूल पर अमरीकी हमले में 160 बच्चियों की मौत, भारत के किनारे पर एक अमेरिकी परमाणु पनडुब्बी ने भारत से लौट रहे ईरानी नौसेना के जहाज़ पर किया हमला, बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य बनने के लिए भरा नामांकन, महाराष्ट्र के नागपुर में एक कारख़ाने में विस्फोट होने से 17 लोगों की मौत, असम के कर्बी में एक सुखोई विमान हुआ क्रैश, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने अपने पद से दिया इस्तीफ़ा और नेपाल में जेन ज़ी आंदोलन के बाद हुए पहले चुनाव समाप्त आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और जेएनयू की पूर्व प्रोफ़ेसर अनुराधा चिनॉय शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और स्तंभकार आनंद वर्धन ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “एक बार फिर से नीतीश कुमार ने सबको चौंकाते हुए पाला नहीं बदला बल्कि सदन बदल लिया है. इस घोषणा के बाद जेडीयू के कार्यकर्ताओं का कुछ विरोध भी नज़र आया है और जेडीयू के नज़रिये से बड़ी महत्वपूर्ण बात है, जेडीयू की तरफ से अभी तक जो उत्तराधिकार का प्रश्न है वह स्पष्ट नहीं है.”
इस विषय पर आनंदवर्धन कहते हैं, “नीतीश अब कितने निर्णय खुद लेते हैं और कितने उनके इर्द गिर्द जो दीर्घा बनी हुई है, यह संशय बना हुआ है और जिस मौलिक नीतीश कुमार को हम जानते हैं यह निर्णय उनका नहीं हो सकता.”
सुनिए पूरी चर्चा -

Independent journalism is not possible until you pitch in. We have seen what happens in ad-funded models: Journalism takes a backseat and gets sacrificed at the altar of clicks and TRPs.
Stories like these cost perseverance, time, and resources. Subscribe now to power our journalism.
₹ 500
Monthly₹ 4999
AnnualAlready a subscriber? Login