हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा में इस हफ्ते दिल्ली शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बरी, एनसीईआरटी की एक किताब पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और प्रधानमंत्री मोदी के इज़राइल दौरे को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा पाकिस्तान द्वारा अफ़ग़निस्तान के बॉर्डर पर की गई बमबारी, सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सोशल साइंस की किताब पर लगाई रोक, बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शिक्षण संस्थानों के आस पास मांस की बिक्री पर रोक लगाने की कही बात, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की संभावना बढ़ी, मुज़फ्फरनगर दंगों से संबंधित एक मामले में 37 आरोपियों को अदालत ने किया बरी और साल 2025 की कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़, साल 2025 में 129 पत्रकारों मारे गए, इन पत्रकारों में 86 की मौत इज़राइल के हमलों में हुई आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और वरिष्ठ अधिवक्ता सुमिता हज़ारिका शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “जिस तरह अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जेल में डाला गया, यह मामला आम मामलों से बिलकुल अलग है, एक पदासीन मुख्यमंत्री को जेल में डालने का काम किया गया. फिर चाहे वह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का मामला हो, दोनों को ही अदालत ने बरी किया, यह दिखाता है कि किस तरह जांच एजेंसियों का सरकार द्वारा ग़लत इस्तेमाल किया जाता है.”
इस विषय पर स्मिता कहती हैं, “इस मामले में बहुत से बिंदु हैं जिन पर विचार करने की ज़रूरत है, यह संघीय ढांचे पर बहुत बड़ा सवाल है, जो बीजेपी द्वारा बार-बार डबल इंजन की सरकार की बात की जाती है कि अगर सरकार डबल इंजन नहीं होगी तो केंद्र द्वारा रोड़े अटकाए जाएंगे.”

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