दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं को 2500 रुपये की आर्थिक मदद का वादा किया गया था. सालभर बाद भी महिलाओं को इस वादे का पूरा होने का इंतजार है.
साल 20 फरवरी को रेखा गुप्ता ने दिल्ली मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. यानी बतौर मुख्यमंत्री उनके कार्यकाल का पहला साल आज पूरा हो रहा है. 27 सालों के बाद दिल्ली प्रदेश की सत्ता में आने की कोशिश कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनाव के लिए जो घोषणापत्र जारी किया था, उसमें 16 प्रमुख वादे किए गए थे.
इस घोषणापत्र को भाजपा ने ‘विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025’ का नाम दिया था. भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं से जुड़े कई वादे किए थे. इनमें ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत हर महीने के 2500 रुपये देने और ‘मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना’ के तहत गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये और पोषण किट देने की बात शामिल थी.
2500 रुपये के लिए तो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था. उन्होंने इसे ‘मोदी की गारंटी’ बताते हुए कहा था कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में इसी फैसले पर मुहर लगेगी.
आज साल भर बाद भी महिलाओं के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची है. तो कहां अटकी है ‘मोदी की गारंटी’, जानने के लिए देखिए ये वीडियो रिपोर्ट.
मणिकर्णिका घाट से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक, उजड़े (ढहा दिए गए) घरों और खामोश हो चुके मोहल्लों के बीच यह सीरीज़ बताएगी कि कैसे तोड़फोड़ की राजनीति बनारस की सिर्फ़ इमारतें नहीं, उसकी आत्मा को भी बदल रही है. बनारस पर हमारे इस सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करिए.
AAP की 10 गारंटी और 28 वादों का क्या हुआ?
न्यूनतम आय गारंटी योजना: जुमला या हक़ीक़त