सोशल मीडिया तो तमाम तरह गलत जानकारियों के अलावा भय और भ्रम पैदा करने वाली पोस्ट्स से पटा पड़ा है.
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 13 जनवरी को कॉलेज और विश्विद्यालय परिसरों में समता को बढ़ावा देने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए. लेकिन इन्हें लेकर एक नई बहस छिड़ गई है.
सोशल मीडिया तो तमाम तरह गलत जानकारियों के अलावा भय और भ्रम पैदा करने वाली पोस्ट्स से पटा पड़ा है. एक वर्ग विशेष से संबंधित कुछ लोग इन दिशानिर्देशों को अपने ऊपर सबसे बड़ा आघात बता रहे हैं तो वहीं, कुछ इसे सदियों से चले आ रहे जातिगत उत्पीड़न से निपटने की दिशा में उठाया बड़ा कदम और पिछड़े वर्गों की जीत बता रहे हैं. इस बीच सरकार शांति की अपील कर रही है और सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगा दी है.
तो क्या हैं ये यूजीसी के नए नियम और इन पर क्यों मचा है बवाल? क्या हैं इन नियमों पर उठने वाले सवाल और सरकार का क्या है उन पर जवाब? आज के सारांश में बात इसी पर.
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