हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्तेभर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.
एनएल चर्चा में इस हफ्ते रिलायंस के जामनगर स्थित निजी अभ्यारण्य वनतारा मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईटी के गठन, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 साल और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने से बाढ़, हिमाचल प्रदेश की रावी नदी में आई बाढ़ से हुआ भारी नुकसान व चार लोगों की मौत, जम्मू में वैष्णो देवी तीर्थ स्थल क्षेत्र में भूस्खलन से 41 लोगों की मौत, राजस्थान के सवाई माधोपुर में आई बाढ़ से कई घर पानी के साथ बहे, कर्नाटक के धर्मस्थला मामले में झूठी गवाही देने के आरोप में एसआईटी ने किया एक व्यक्ति को गिरफ्तार, महाराष्ट्र के पालघर में एक इमारत गिरने से सत्रह लोगों की मौत, ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ भारत में हुए लागू और संयुक्त राष्ट्र ने गाजा में आधिकारिक तौर पर भुखमरी फैलने की घोषणा की आदि ख़बरें भी हफ्ते भर सुर्ख़ियों में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और पर्यावरण अधिवक्ता देबादित्यो सिन्हा शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “वनतारा के मामले में अभी तक जो कुछ हुआ, ऑन पेपर वह कानूनी लगता है लेकिन हमारे देश में बहुत सी ऐसी चीज़ें होती हैं जिनको क़ानूनी जामा पहना दिया जाता है और जो कमियां या खामियां होती हैं उन्हीं के हिसाब से कानून बना दिए जाते हैं, तो इस मामले को हम कैसे देखें?
इस मुद्दे पर देबदित्यो कहते हैं, “वनतारा का स्टैंडर्ड रिप्लाई है कि हमने हर क़ानून का पालन किया है और किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन नहीं किया है, लेकिन समझने वाली बात यह है कि क्या क़ानून वह कर रहा है जिसके लिए वह क़ानून बनाया गया है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
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