एनएल सारांश: धारा 370 पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला कितना ‘ऐतिहासिक’?

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसले में कहा कि धारा 370 एक अस्थाई प्रावधान था और जम्मू-कश्मीर कभी भी संप्रभु राज्य नहीं था.

WrittenBy:विकास जांगड़ा
Date:
   
  • Share this article on whatsapp

भारत की सर्वोच्च अदालत ने 11 दिसंबर 2023 को ऐतिहासिक फैसला पढ़ा. मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ के नेनेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के प्रावधानों को खत्म किए जाने को सही ठहराया. फैसले में कहा गया कि धारा 370 एक अस्थाई प्रावधान था और जम्मू-कश्मीर कभी भी संप्रभु राज्य नहीं था. उसकी संप्रभुता भारत देश से वैसे ही जुड़ी है, जैसे कि अन्य राज्यों की. 

तो आज हम सारांश में सर्वोच्च अदालत यानि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर ही बात करने वाले हैं. कि हम जानेंगे कि धारा 370 क्या थी, इसे कब लागू किया गया और कब हटाया गया. साथ ही ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा और वहां किन सवालों पर बहस हुई. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्या कुछ दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. वहीं, कैसे इस फैसले को एक वर्ग ऐतिहासिक जीत, तो एक वर्ग इसे ‘ऐतिहासिक भूल’ के तौर पर देख रहा है. 

देखिए सारांश.

subscription-appeal-image

Support Independent Media

The media must be free and fair, uninfluenced by corporate or state interests. That's why you, the public, need to pay to keep news free.

Contribute
Also see
article imageएनएल सारांश: करणी सेना के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के पीछे कौन? 
article imageएनएल सारांश: निठारी कांड की जांच में हुई लापरवाही या वाकई निर्दोष हैं कोली और पंढेर?

You may also like