एनएल चर्चा 294: रामदेव का बिजनेस मॉडल: शेल कंपनियों का जाल और भ्रामक विज्ञापन

हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ्ते भर के बवालों और सवालों पर  चर्चा करते हैं.

     
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय बाबा रामदेव द्वारा शेल कंपनियों के जरिए हरियाणा के अरावली क्षेत्र में कई एकड़ जमीन की खरीद और उनकी आयुर्वेद कंपनी पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कड़ी फटकार लगाए जाना रहे. इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार की 752 करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त करना आदि विषयों पर भी बातचीत हुई.  

हफ्ते की अन्य सुर्खियों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रैपिड रेल के लिए धन आवंटित नहीं करने पर दिल्ली सरकार को विज्ञापन बजट के स्थानांतरण का आदेश देना, कांग्रेस द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को घटिया रणनीति बताना और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को फिर से 3 हफ्ते के लिए रोहतक के सुनारिया जेल से फरलो पर बाहर आना भी शामिल रहीं. 

इजरायल-हमास के बीच 4 दिनों के लिए संघर्ष पर विराम लगाने पर सहमति और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार सदी के अंत तक दुनिया का तापमान 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाने की ख़बर ने भी लोगों का ध्यान खींचा.

इसके अलावा राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा अपने घोषणा पत्र में जातिगत जनगणना कराने का वादा, उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की वीडियो जारी होने के बाद घटनास्थल से लाइव प्रसारण न करने और उसे सनसनीखेज न बनाने के लिए टीवी चैनलों को सरकार ने जारी की एडवाइजरी, एनसीईआरटी पैनल द्वारा पाठ्यक्रम में रामायण और महाभारत शामिल करने की सिफारिश और मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गोलीबारी के दौरान कुकी समुदाय के दो लोगों की मौत आदि मुद्दे भी चर्चा में बने रहे.

इस हफ्ते चर्चा में अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकार स्मिता शर्मा और द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के सदस्य नितिन सेठी, तपस्या और श्रीगिरीश जलिहाल ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से अवधेश कुमार चर्चा में शामिल रहे. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

चर्चा के प्रमुख विषय बाबा रामदेव द्वारा अवैध शेल कंपनियों के जरिए हरियाणा के अरावली क्षेत्र में कई एकड़ जमीन खरीदने और उसे मोटे मुनाफे के लिए बेचने को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “यह कितने बड़े पैमाने पर हो रहा है और इसका क्या दुष्परिणाम सामने आ सकता है?”

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