मनोज झा: इंडिया एलायंस, जी-20, संसद का विशेष सत्र और मोदी के हाथ में भाजपा

राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा से बातचीत. 

WrittenBy:अतुल चौरसिया
Date:
   
  • Share this article on whatsapp

एनएल इंटरव्यूज़ में इस बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्यसभा सांसद मनोज झा से बातचीत हुई. इसमें ‘इंडिया’ और भारत के बीच उठे विवाद, जी 20 के आयोजन, एक देश, एक चुनाव, संसद का विशेष सत्र के अलावा मीडिया द्वारा विपक्ष को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर विस्तार से बातचीत हुई. 

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सत्ता में आने के एक सवाल पर मनोज झा कहते हैं, “यदि हमारी पार्टी की सरकार बनती है तो भाजपा को भी आज़ादी मिलेगी. मोदीजी के नेतृत्व में भाजपा की सांस भी फूल रही है. भाजपा को भी आज़ादी की ज़रूरत है.” 

गठबंधन के नाम को निशाना बनाए जाने और भारत बनाम इंडिया की बहस पर वे कहते हैं, “मीडिया संस्थान कितनी मेहनत करके डॉट लगाकर गठबंधन का नाम लिखते हैं लेकिन पाठक उसे इंडिया ही पढ़ते हैं. हमें ये पता था कि इंडिया नाम रखेंगे तो भाजपा भारत के नाम पर विवाद खड़ा करेगी. इसीलिए हमारी पार्टी ने पहले दिन टैगलाइन निर्धारित की थी- ‘जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया.’ भाजपा और कुछ मीडिया संस्थान जिस तरह से हताश हैं, ऐसा न हो कि वो कहने लगें कि सभी नाम खारिज करके देश का नाम जम्बूद्वीप होना चाहिए.”

जी ट्वेंटी शिखर सम्मेलन को लेकर झा कहते हैं, “किसी भी देश में ऐसा नहीं हुआ है कि कर्फ्यू और सन्नाटे वाले माहौल में जश्न मनाया गया हो. इसमें लोकतंत्र की खुश्बू नहीं आती है, बल्कि राजतंत्र की बदबू आती है.”

इसके अलावा मनोज ने केंद्र सरकार द्वारा 18-23 सितंबर तक बुलाए गए संसद के विशेष सत्र, एक देश, एक चुनाव, पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान सरकारी संस्थाओं में आए बदलाव और मीडिया के सत्ताधारी पार्टी की तरफ झुकाव आदि विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखी. 

देखिए पूरा इंटरव्यू और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब कीजिए. 

subscription-appeal-image

Support Independent Media

The media must be free and fair, uninfluenced by corporate or state interests. That's why you, the public, need to pay to keep news free.

Contribute
Also see
article imageअडाणी से रिश्ते, हिंदुत्व और नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी पर क्या बोले भूपेश बघेल
article image‘सावरकर ने कांग्रेस का अहसान कभी नहीं माना’: पीयूष बबेले

You may also like