राजनीतिक विश्लेषक: 'निष्पक्षता' का चोला ओढ़े पार्टी विशेष के 'सिपाही'!

आपने कभी ध्यान दिया कि ये राजनीतिक विश्लेषक कौन होते हैं?

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शाम के वक़्त आप कोई भी न्यूज़ चैनल देखें, तो क्या नज़र आता है? एक एंकर किसी विषय पर बहस आयोजित करते हैं. उसमें सत्ताधारी दल और विपक्ष के अलावा राजनीतिक विश्लेषक शामिल होते हैं.

आपने कभी ध्यान दिया कि ये राजनीतिक विश्लेषक कौन होते हैं? दरअसल, हाल ही में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने ट्वीट कर लिखा, ‘प्रिय एंकर्स, यदि आपके किसी शो में संंघ विचारक/प्रचारक आदि राजनैतिक विश्लेषक बन कर बैठेंगे तो हम भी राजनीतिक विश्लेषक भेजेंगे. अगर आपको यह स्वीकार्य नहीं है तो किसी शो में कांग्रेस भाग नहीं लेगी.’

कांग्रेस के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है.. ये जानने के लिए हमने इन राजनीतिक विश्लेषकों पर थोड़ी जानकारी जुटाई. हमें अपनी जानकारी में पता चला कि कहने को तो ये लोग निष्पक्ष होते हैं लेकिन असल में ये पार्टी विशेष के समर्थक या नेता होते हैं. चैनल इनकी पहचान छुपा लेते हैं. ऐसी ही एक राजनीतिक विश्लेषक हैं निघत अब्बास. जो कि साल 2018 से पहले भाजपा से जुड़ी थीं. पहले यह दिल्ली भाजपा में पॉलिसी एंड रिसर्च डिपार्टमेंट में कॉर्डिनेटर के पद पर थीं. आगे चलकर दिल्ली भाजपा की प्रवक्ता बनीं और हाल ही में इन्हें दिल्ली भाजपा में महामंत्री बनाया गया है.

आपको बता दें कि निघत कोई अकेली ऐसी राजनैतिक विश्लेषक नहीं हैं जो भाजपा के एजेंडे को आगे रखती हैं. इनके अलावा प्रोफेसर संगीत रागी, शुभ्रास्था, विशाल मिश्रा जैसे कितने हैं. जो राजनीतिक विश्लेषक का चोला पहनकर जनता को गुमराह करते हैं.

इन्हीं राजनीतिक विश्लेषकों के बारे में आज हम आपको बताएंगे. इनके बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए देखें ये पूरा वीडियो..

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