ईडब्ल्यूएस आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट का फैसला और उस पर तर्क- वितर्क

जानिए, क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला? 103वां संविधान संशोधन अधिनियम? और फैसले के पक्ष और विपक्ष में लोगों के तर्क?

   bookmark_add
  • whatsapp
  • copy

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने अपने बहुमत के फैसले में ईडब्ल्यूएस आरक्षण को वैध माना है. इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के लिए आर्थिक तौर पर दिए गए आरक्षण पर कोर्ट ने कहा कि यह संविधान के मूलभूत सिद्धांत और भावना का उल्लंघन नहीं करता है.

इस फैसले के बाद से सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर भी बहस छिड़ गई है जिसके मुताबिक देश में 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं हो सकता.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के पक्ष और विपक्ष में लोगों ने अपने-अपने तर्क दिए हैं. जिसके बाद माना जा रहा है कि यह फैसला आगे के लिए सरकार की राह को चुनौतीपूर्ण कर देगा.

देखिए सारांश का यह एपिसोड और जानिए क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 103वां संविधान संशोधन अधिनियम क्या है और फैसले के पक्ष और विपक्ष में लोगों के तर्क.

देखिए पूरा वीडियो-

subscription-appeal-image

Support Independent Media

स्वतंत्र मीडिया का समर्थन और सहयोग करना आज बहुत जरूरी हो गया है. हमें आपके सहयोग की जरूरत है. क्योंकि हम सरकारों या कॉरपोरेट विज्ञापन दाताओं के सहयोग पर नहीं, बल्कि आपके सहयोग पर निर्भर हैं.

Also see
एनएल चर्चा 240: ईडब्ल्यूएस आरक्षण को मंजूरी और सरकार का टीवी चैनलों को फरमान
क्या ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करता है?
newslaundry logo

Pay to keep news free

Complaining about the media is easy and often justified. But hey, it’s the model that’s flawed.

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like