राजद्रोह कानून: गांधी, नेहरू और तिलक भी आ चुके हैं इसकी चपेट में

हाल ही में राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने 152 साल पुराने राजद्रोह कानून पर फिलहाल रोक लगा दी है. साथ ही सभी लंबित मामले पुनर्विचार प्रक्रिया पूरी होने तक के लिए स्थगित कर दिए हैं.

   bookmark_add
  • whatsapp
  • copy

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को भारत में 152 साल पुराने राजद्रोह कानून पर रोक लगा दी. इस कानून के तहत महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बाल गंगाधर तिलक को भी दोषी ठहराया गया था. आजादी के वक्त संविधान सभा में भी इस कानून को जारी रखने पर जमकर बहस हुई थी. बहरहाल, तब ये कानून किसी तरीके से बच गया, लेकिन आज़ाद देश में इस कानून की जरूरत पर विवाद जारी रहा. सारांश के इस एपिसोड में हम इस कानून के बारे में, इसके उपयोग-दुरुपयोग के बारे में, और इसके इस्तेमाल पर बार बार क्यों सवाल उठते रहे हैं, इस पर बात करेंगे.

देखें पूरा वीडियो-

Also Read :
एनएल चर्चा 214: राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन
अब समय आ गया है राजद्रोह की परिभाषा तय हो- सुप्रीम कोर्ट
newslaundry logo

Pay to keep news free

Complaining about the media is easy and often justified. But hey, it’s the model that’s flawed.

Comments

We take comments from subscribers only!  Subscribe now to post comments! 
Already a subscriber?  Login


You may also like