क्या जितेंद्र मेघवाल को मूंछों की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी?

न्यूज़लॉन्ड्री ने बारवा गांव में जितेंद्र के परिवार से बातचीत की, उन्होंने बताया कि यह मामला 2020 में शुरू हुआ था.

WrittenBy:आकांक्षा कुमार
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आरोप है कि राजस्थान के पाली जिले में 28 साल के जितेंद्र मेघवाल को केवल इसलिए मार दिया गया क्योंकि उन्हीं के पड़ोस मे रहने वाले ऊंची जाति के एक व्यक्ति को कथित तौर पर उनके मूंछ रखने पर आपत्ति थी. जितेंद्र मेघवाल समुदाय से थे जो कि अनुसूचित जाति की श्रेणी मे आता है.

न्यूज़लॉन्ड्री ने बारवा गांव में जितेंद्र के परिवार से बातचीत की. उन्होंने बताया की मामला 2020 से शुरू हुआ था जब आरोपी सूरज राजपुरोहित ने जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा था, "अच्छे कपड़े क्यों पहनता है? दाढ़ी, मूंछ क्यों रखता है?" हालांकि राजस्थान पुलिस इस केस में जाति के कोण को खारिज कर रही है. लेकिन बारवा गांव में मेघवाल और राजपुरोहितों के बीच जातीय मनमुटाव 1996 से चला आ रहा है.

सवाल है कि क्या किसी खास रहन-सहन या पहनावे-ओढ़ाने पर किसी विशेष जाति का हक है. क्या उसको अपनाने का खामियाजा जितेंद्र मेघवाल को चुकाना पड़ा? जानने के लिए देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट:

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