NL Charcha
एनएल चर्चा 404: धार्मिक जश्नों पर सांप्रदायिकता की छाया और गिग वर्कर्स की हड़ताल के बीच यौन उत्पीड़न मामले में बरी एचडी रेवन्ना
एनएल चर्चा में इस हफ्ते जनता दल सेक्युलर के विधायक एचडी रेवन्ना यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत से बरी, गिग वर्कर्स की हड़ताल और बीते साल की घटनाओं पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सज़ायाफ़्ता विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की ज़मानत पर लगाई रोक, अरावली की परिभाषा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले पर लगाई रोक, बरेली में लव जिहाद के आरोप लगाकर दक्षिणपंथी समूह ने जन्मदिन मना रहे जोड़े के साथ की बदसुलूकी, त्रिपुरा के छात्र की उत्तराखंड में हुई मौत के मामले में एसआईटी का गठन, दिल्ली की हवा 2018 के बाद 2025 में रही सबसे ख़राब, बांग्लादेश की पहली प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया का निधन, चीन के विदेश मंत्री ने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष को विराम देने में चीन ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी, गिग वर्कर 31 दिसंबर को हड़ताल पर गए और 10 मिनट डिलीवरी सिस्टम पर रोक लगाने की मांग की, इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत आदि ख़बरें भी हफ्ते भर सुर्ख़ियों में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान द न्यूज़ मिनट की पत्रकार शिवानी कावा शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक रमन किरपाल, सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए शार्दूल कहते हैं, “गिग वर्कर्स की संख्या में बहुत तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है और आगामी वर्षों में यह और बढ़ने की संभावना है तब भी किसी भी औपचारिक व्यवस्था का और नियमों का लागू न होना सरकार की कमी दिखाता है.”
इस विषय पर बसंत कहते हैं, “डिलीवरी के जो आंकड़े छपे हैं, उसकी एक बड़ी वजह बेरोजगारी भी है. लोगों में काम न मिलने का डर है, जिसके चलते ये आंकड़े सामने आए.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
02:15 - सुर्खियां
07:35 - गिग वर्कर्स की हड़ताल
18:50 - क्रिसमस और नववर्ष के सेलिब्रेशन पर बवाल
39:07 - एचडी रेवन्ना बरी
01:15:15 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
लूसी कॉज़लेट का लेख
बसंत कुमार की रिपोर्ट - 112 करोड़ का घोटाला
फिल्म - स्पॉटलाइट
शिवानी कावा
किताब - मे बी यू शुड टॉक टू समवन
बसंत कुमार
न्यूज़लॉन्ड्री पर 2025 का आखिरी पॉडकास्ट रिपोर्टर्स विदआउट आर्डर
डॉक्यूमेंट्री - कवर अप
किताब - पनामा पेपर्स
रमन किरपाल
डॉक्यूमेंट्री - द न्यू यॉर्कर एट 100
सीरीज़ - द मॉर्निंग शो
विकास जांगड़ा
सीरीज़ - द न्यूज़रूम
बीबीसी पर खालिदा ज़िया पर लेख
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और उस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
Also Read
-
‘Full enjoy bhai’: Free birds or civic nuisance? Why Indian tourists are hated worldwide
-
‘Hindu ekta khatre mein’: How TV news rewrote UGC’s equity norms
-
Only 3 meetings on Delhi’s air crisis. But guess how many air purifiers in ministry’s office
-
समता के नाम पर 'संग्राम': यूजीसी के नियमों से क्यों बरपा हंगामा
-
फर्स्टपोस्ट की मैनेजिंग एडिटर का पद छोड़ेंगी पलकी शर्मा, खुद का नया वेंचर लाने की तैयारी