हिंदी के प्रमुख अख़बारों की रोज़ाना सुर्खियों का एक जायजा.
हिंदी के अखबारों ने आज किसी एक खबर को नहीं बल्कि अलग-अलग खबरों को प्रमुखता दी है. किसी ने लाजपत नगर ब्लास्ट में दोषियों को उम्र कैद की सज़ा दिए जाने को प्रमुखता दी है तो किसी ने कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया को स्थान दिया है. वहीं, समान नागरिक संहिता पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के नेतृत्व में मंत्री समूह बनाने को भी कुछ अख़बारों ने प्रमुखता दी है. कुछ ने दिल्ली में हुई ज़बरदस्त बारिश को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
आइए आज के अखबारों पर नजर डालते हैं.
दैनिक जागरण ने लाजपत नगर ब्लास्ट में 4 दोषियों को उम्र कैद की सजा देने को अहम खबर बनाया है. 1996 में हुए इन धमाकों में 13 लोगों की मौत और 38 लोग घायल हुए थे. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए यह भी कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में जल्द सुनवाई की जरूरत है.
जागरण ने महाराष्ट्र में एनसीपी को लेकर शरद पवार और भतीजे अजित पवार के बीच चल रहे सियासी संघर्ष को भी प्रमुख स्थान दिया है. जागरण ने लिखा कि कि शरद पवार ने अजित के पार्टी पर दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया है और कहा कि एनसीपी के अध्यक्ष वही हैं.
इसके अलावा, अहम खबरों में राजधानी दिल्ली सहित उत्तर पश्चिम भारत में अगले 5 दिन तक बारिश होने की संभावना को भी जगह मिली है.
हिंदुस्तान ने विदेशों में खालिस्तानी गतिविधियों और हिंसा भड़काने की घटनाओं पर भारत के ऐतराज को प्रमुखता दी है. विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कनाडा, अमेरिका समेत कई देशों में बढ़ रही इन घटनाओं पर ऐतराज जताया है. मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों और हिंसक वारदातों पर कनाडा सरकार से कार्रवाई करने को भी कहा है. गौरतलब है कि खालिस्तानी समर्थकों ने गत 2 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को में भारत के वाणिज्य दूतावास में आगजनी की थी.
हिंदुस्तान ने 11 जुलाई को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक को प्रमुख स्थान दिया है. अनुमान लगाया गया है कि इस दौरान सिनेमा हॉल में खाद्य पदार्थों पर जीएसटी घटाया जा सकता है. वहीं, एसयूवी और एमयूवी पर 22 पर टैक्स लगाने की भी तैयारी है.
अन्य खबरो में एनसीपी पर शरद पवार का दावा, लाजपत नगर बम विस्पोट में दोषियों को सजा, पहली बार विदेश में आईआईटी मद्रास का कैंपस खुलने को भी पहले पन्ने पर जगह दी गई है.
अमर उजाला ने समान नागरिक संहिता पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के नेतृत्व में मंत्री समूह बनाने की खबर को प्रमुखता दी है. खबर में बताया गया है कि समिति यूसीसी से जुड़े अन्य पहलूओं पर विचार करेगी. वहीं, महिलाओं, आदिवासियों और पूर्वोत्तर के लोगों पर इसके प्रभाव पर चर्चा करेगी. समिति के अन्य सदस्यों में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जी किशन रेड्डी और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हैं.
खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया को भी पहले पन्ने पर जगह दी गई है. वहीं, लाजपत नगर ब्लास्ट मामले में दोषियों को सजा दिए जाने की खबर को भी प्रकाशित किया है.
जनसत्ता ने विदेश मंत्रालय की खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों पर प्रतिक्रिया को प्रमुखता दी है. मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विदेशों में भारतीय दूतावासों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
इसके अलावा श्रीनगर में राष्ट्रगान का अपमान करने पर कार्रवाई की ख़बर को भी प्रमुखता दी गई है. खबर में कहा है कि जून में आयोजित एक कार्यक्रम में कुछ लोग राष्ट्रगान के लिए खड़े नहीं हुए थे. इसी मामले में 12 लोगों को पाबंद किया गया है. पाबंद करने से आशय है- दंड संहिता प्रक्रिया की धाराओं 107 और 151 के तहत किसी को पाबंद किया जा सकता है. ये दोनों धाराएं अधिकारियों को अपराध की आशंक होने पर किसी व्यक्ति को बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहने या गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने का अधिकार देती है.
वहीं, एनसीपी में हुई बगावत को भी जनसत्ता ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. खबर में बताया गया है कि शरद पवार ने पार्टी के अध्यक्ष पद पर दवा किया है. प्रफुल्ल पटेल व सुनील तटकरे समेत 11 लोगो को पार्टी से निकाला गया है.
इसके अलावा, मणिपुर में बंदूकधारियों द्वारा महिला की हत्या, राजस्थान को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की बैठक, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रा को पूर्व प्रेमी द्वारा जिंदा दफनाने को भी पहले पन्ने पर जगह दी गई है.
दैनिक भास्कर ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिल्ली आबकारी नीति के मामले में व्यवसायी दिनेश अरोड़ा की गिरफ्तारी को प्रमुखता दी है. अख़बार ने लिखा है कि अरोड़ा इसी मामले में सीबीआई के गवाह भी हैं. ईडी अफसरों के मुताबिक अरोड़ा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी.
इसके अलावा शरद पवार के एनसीपी पर दावे को भी अख़बार ने प्रमुखता से जगह दी है. अख़बार ने लिखा है कि गुरुवार को दिल्ली में सगंठन की बैठक हुई जिसमें पवार ने कहा कि वे ही अध्यक्ष हैं और अजित पवार गुट के 11 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है.
इसके अलावा राजस्थान को लेकर कांग्रेस पार्टी की दिल्ली में बैठक और तीस हजारी कोर्ट परिसर में हुई फायरिंग के मामले में तीन वकीलों की गिरफ्तारी को भी पहले पन्ने पर जगह मिली है.
रोज़नामचा: शरद-अजित पवार की सियासी लड़ाई और पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी बनी आज की सुर्खियां
रोज़नामचा: एससीओ सम्मेलन, दूतावास में आग और भाजपा प्रदेश अध्यक्षों का फेरबदल बनी आज की सुर्खियां